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Rajasthan: सोनिया से मिलने दिल्ली आए गहलोत, बोले- मोदी सांसदों को बुला-बुलाकर कहते हैं कि लोगों को भड़काओ

Wed, 20 Apr 2022 01:51 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: रोमा रागिनी Updated Wed, 20 Apr 2022 01:51 PM IST
सार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को दिल्ली आए। उन्होंने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से मुलाकात की। देशभर में सांप्रदायिक बिगड़ने की बात पर बोले कि हिंसा से निपटने के लिए हिंसा ठीक नहीं। 

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Gehlot Delhi Visit CM Ashok Gehlot statement on breaking houses of violence accused with bulldozers
सीएम अशोक गहलोत - फोटो : ANI

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि अब हमें पता चल गया है कि देश कहां जा रहा है। सभी राज्यों में हिंसा भड़क रही है। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को उकसाया जा रहा है। यह खतरनाक राजनीति है और लोगों को सतर्क हो जाने की आवश्यकता है। हिंसा का जवाब हिंसा नहीं हो सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही सांसदों को बुला-बुलाकर कानून तोड़ने, आग लगाने और लोगों को भड़काने की बात कह रहे हैं।  

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गहलोत ने कहा कि सत्ता पक्ष का काम है कि जो हिंसा कर रहा है, उसे रोके। यह प्रयास करें कि किसी भी कीमत पर हम हिंसा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह तो मैंने देखा है कि कोई प्रधानमंत्री हो, मुख्यमंत्री हो, सांसद हो या विधायक हो, उन्हें यह करना चाहिए। पर यहां तो उल्टी गंगा बह रही है। प्रधानमंत्री सांसदों को बुला-बुलाकर कह रहे हैं कि आप लोग कुछ नहीं कर पा रहे हो। आप लोग वही काम करो जो करोड़ी मीणा कर रहा है। यानी धमालपट्टी करो। कानून को तोड़ो। हाथ में लोग। लोगों को भड़काओ। आग लगाओ। मैंने यह सुना है कि प्रधानमंत्री यह कह रहे हैं। सच्चाई आप लोग पता करो, आप मीडिया वाले हो। 

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी से मिले। इस दौरान उन्होंने 14 से 16 मई तक प्रस्तावित कांग्रेस के चिंतन शिविर पर बातचीत की। साथ ही प्रशांत किशोर की कांग्रेस में भूमिका पर भी चर्चा की। यह सब बातें चिंतन शिविर में आएंगी ही। सोनिया गांधी के साथ-साथ गहलोत ने पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से भी मुलाकात की।


दिल्ली पहुंचने के बाद मीडिया से चर्चा में गहलोत ने कहा कि प्रशांत किशोर अब देश में एक ब्रांड बन चुके हैं। 2014 में वे नरेंद्र मोदी के साथ थे। फिर नीतिश कुमार के साथ और पंजाब में कांग्रेस के साथ कई अन्य राज्यों में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई है।  हम भी विशेषज्ञों और एजेंसियों की सलाह लेते हैं। उनका अनुभव विपक्ष की एकजुटता में उपयोगी हो सकता है। 

उदयपुर में चिंतन शिविर क्यों?

कांग्रेस का चिंतन शिविर 2013 में जयपुर में हुआ था। इसके नौ साल बाद फिर चिंतन शिविर राजस्थान में होने जा रहा है। इस बार उदयपुर को चुने जाने के पीछे इसी साल गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को भी वजह बताया जा रहा है। पार्टी के नेताओं को लग रहा है कि यह कदम गुजरात के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने वाला हो सकता है। प्रदेश प्रभारी अजय माकन 14 अप्रैल को उदयपुर गए थे। वहां चिंतन शिविर के मद्देनजर कई लग्जरी होटल भी उन्होंने देखे हैं।

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