{"_id":"68ad1bdf59e18ea3b90271f3","slug":"ganesh-chaturthi-special-festive-fervor-begins-at-ranthambhore-trinetra-ganesh-fair-tight-security-in-place-2025-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ganesh Chaturthi Special: रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश में लक्खी मेला शुरू, परिक्रमा मार्ग पर दिखे बाघ के पगमार्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ganesh Chaturthi Special: रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश में लक्खी मेला शुरू, परिक्रमा मार्ग पर दिखे बाघ के पगमार्क
Tue, 26 Aug 2025 12:40 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सवाई माधोपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Tue, 26 Aug 2025 12:40 PM IST
सार
जिले के रणथंभौर दुर्ग स्थित भगवान त्रिनेत्र गणेश का प्रसिद्ध तीन दिवसीय लक्खी मेला आज से प्रारंभ हो गया है। मुख्य मेला 27 अगस्त को भरेगा। भारी बरसात और बाघों की गतिविधियों के बीच जिला प्रशासन व पुलिस ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं के कड़े इंतजाम किए हैं।
विज्ञापन
रणथंभौर स्थित भगवान त्रिनेत्र गणेश
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सवाई माधोपुर के रणथंभौर दुर्ग स्थित भगवान त्रिनेत्र गणेश का तीन दिवसीय लक्खी मेला आज से शुरू हो गया है। मुख्य मेला 27 अगस्त को भरेगा। भारी बरसात से क्षतिग्रस्त हुए त्रिनेत्र गणेश मार्ग को जिला प्रशासन एवं वन प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुरुस्त कर दिया है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने 1500 पुलिस अधिकारी और जवानों का जाप्ता तैनात किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में बरसात का जोर है, ऐसे में जिला कलेक्टर कानाराम और पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने भगवान त्रिनेत्र गणेश के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं से प्रशासन की गाइड लाइन की पालना करने का आह्वान करते हुए हाल ही में परिक्रमा मार्ग पर बाघ के पगमार्क देखे जाने के कारण प्रशासन ने श्रद्धालुओं से समूह में यात्रा करने का आग्रह किया है।
विज्ञापन
जिला कलेक्टर ने बताया कि जिले में भारी बरसात के चलते रणथंभौर दुर्ग जाने वाला मार्ग जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन भगवान त्रिनेत्र गणेश के तीन दिवसीय लक्खी मेले को देखते हुए जिला प्रशासन एवं वन प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त मार्ग को दुरुस्त किया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सोमवार को शाम चार बजे तक भगवान गणेश के दर्शनार्थ जाने की अनुमति जारी की गई है।
मेले की जानकारी देते जिला कलेक्टर
रणथंभौर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बाघों की हाल की गतिविधियों को देखते हुए वन क्षेत्र में बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा गार्ड तैनात कर खण्डार, बोदल और उलियाणा से आने वाले अवैध रास्तों को पूर्णतः बंद किया जाएगा, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित मार्ग से ही मंदिर पहुंचें। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि मुख्य मार्ग से ही दुर्ग में समूह में प्रवेश करें। परिक्रमा मार्ग में केवल दिन में ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी और श्रद्धालुओं को इसे भी समूह में ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।
मेले में सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि 1500 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए हैं। इनमें 9 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, 14 पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी, 5 आरएसी कंपनियां, 150 होमगार्ड, 150 पुलिस मित्र शामिल हैं। इसके अलावा 25 स्थाई चौकियां और 10 मोबाइल यूनिट्स भी तैनात की गई हैं। एसपी ने श्रद्धालुओं से अनावश्यक रूप से परिक्रमा मार्ग का उपयोग नहीं करने की अपील की है, क्योंकि रविवार को भी यहां बाघ के पगमार्क देखे गए थे।
पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। जिला कलेक्टर ने रोडवेज अधिकारियों को अतिरिक्त बसें लगाने और ओवर लोडिंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। रेलवे स्टेशन से मेला पार्किंग स्थल तक 20 रुपए किराए पर 50 प्रतिशत रियायत लागू की गई है, जिससे यात्रियों को मात्र 10 रुपए किराया देना होगा। यह सूचना सभी बसों पर चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं।
रणथंभौर दुर्ग क्षेत्र, जोगी महल से गणेश धाम सहित पूरे मेला परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, साइलेंट जनरेटर लगाने और बारिश के दौरान करंट हादसों से बचाव के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। साफ-सफाई व्यवस्था के लिए सभी सफाई कर्मियों को रिफ्लेक्टर जैकेट पहनना अनिवार्य होगा। मंदिर परिसर और भंडारा स्थलों पर डस्टबिन रखे जाएंगे, साथ ही अस्थाई और मोबाइल शौचालय भी लगाए जाएंगे। जलभराव वाले स्थानों पर गोताखोर और एसडीआरएफ की टीमें तैनात रहेंगी।
मेला क्षेत्र में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
चौकसी के लिए पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम और चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं तथा पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में सिंगल यूज प्लास्टिक सामग्री जैसे पॉलिथीन, डिस्पोजल कप-प्लेट और चम्मच आदि पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। भंडारे केवल निर्धारित स्थलों पर ही लगाए जाएंगे। नगर परिषद क्षेत्र में होटल राज पैलेस से सरस डेयरी और डोसा कॉर्नर तक तथा पंचायत क्षेत्र में भंडारे पार्क सीमा से बाहर हेलीपैड से मेन रोड के मध्य खाली भूमि पर ही लगाए जा सकेंगे। अमानक सामग्री और कमर्शियल गैस सिलेंडर के उपयोग पर भी सख्त रोक रहेगी।
मेला क्षेत्र में चिकित्सा टीमों की 8-8 घंटे की पारियों में ड्यूटी रहेगी और एम्बुलेंस भी तैनात की जाएगी। खाद्य निरीक्षक और रसद विभाग की टीमें मिलावटी और सड़े-गले खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए निगरानी रखेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला रसद अधिकारी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भंडारों में गुणवत्तापूर्ण भोजन वितरित हो।
गणेश धाम तिराहे और रणथंभौर दुर्ग स्थित मंदिर परिसर में 24 घंटे सक्रिय नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं।