{"_id":"626413e6367ed03f036acf83","slug":"forest-department-runs-bulldozer-on-cowshed-400-cows-are-homeless-in-alwar","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: अलवर में मंदिर के बाद एक दशक पुरानी गोशाला पर भी चला बुलडोजर, 400 से ज्यादा गोवंश बेघर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: अलवर में मंदिर के बाद एक दशक पुरानी गोशाला पर भी चला बुलडोजर, 400 से ज्यादा गोवंश बेघर
Sat, 23 Apr 2022 08:27 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 23 Apr 2022 08:27 PM IST
सार
अलवर के कठूमर उपखंड में दो दिन पहले गोशाला को अतिक्रमण मानते हुए वन विभाग ने तोड़ दिया। इसका वीडियो सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठन कार्रवाई के विरोध में उतर आए हैं। विभाग की कार्रवाई से 400 से ज्यादा गोवंश बेघर हो गया है।
विज्ञापन
गोशाला की दीवार तोड़कर गोवंश को कर दिया गया आजाद।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ में मंदिरों पर बुलडोजर चलाने का विवाद अभी थाम नहीं है। इससे पहले कठुमर में गोशाला पर बुलडोजर चलाने का मामला सामने आया है। वन विभाग ने यहां दो दिन पहले गोशाला को अवैध निर्माण बताते हुए तोड़ दिया। इससे यहां रहने वाली 400 से ज्यादा गांव बेघर हो गईं। उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया है। अब इस पर भी विवाद गहराता जा रहा है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल को कठूमर उपखंड की एक मात्र गोशाला को वन विभाग ने अतिक्रमण मानते हुए तोड़ दिया। इसका वीडियो वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठन कार्रवाई के विरोध में उतर आए हैं। वन विभाग ने रूंध मैथना गांव में स्थित हनुमान गोशाला को ध्वस्त करते 40 बीघा जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई है। हालांकि, गोशाला तोड़े जाने से 400 से ज्यादा गोवंश लावारिस हो गए हैं।
विज्ञापन
लक्ष्मणगढ़ रेंजर जितेंद्र सैन ने बताया कि मैथना रूधं में वन विभाग की करीब 14 सौ बीघा जमीन है। जिसमें से करीब 40 बीघा जमीन पर पिछले एक दशक से गोशाला चल रही थी। इसमें 400 छोटे बड़े गोवंशों का पालन पोषण किया जा रहा था।
विज्ञापन
सहायक वन संरक्षक कोर्ट राजगढ़ के 2020 के आदेश का पालन करते हुए गोशाला संचालक को दिसंबर 2021 में जगह खाली करने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद ही उन्होंने ना तो जगह खाली की और ना ही गोवंश को स्थानांतरित किया। इसके बाद गुरुवार 21 अप्रैल को वन विभाग ने कार्रवाई कर जमीन को मुक्त कराया है।