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Rajasthan Files: चार साल में पांच बार 'जला' प्रदेश, पथराव, हत्या और विवाद बने सांप्रदायिक टकराव का कारण  

Mon, 11 Apr 2022 06:19 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Mon, 11 Apr 2022 06:19 PM IST
सार

राजस्थान के करौली में भड़की हिंसा के बाद शहर में 12 अप्रैल तक कर्फ्यू और इंटरनेट सेवाएं बंद है। हालांकि, प्रशासन द्वारा कर्फ्यू में ढील देकर हालात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। हम यहां आपको बता रहे हैं कि पिछले चाल साल में प्रदेश में कब-कब हालात बिगड़े। पढ़ें पूरी रिपोर्ट... 

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Five major incidents of violence in Rajasthan
यहां जानिए क्यों भड़की इन जिलों में हिंसा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के करौली में दो अप्रैल को हुए दंगे की आग बुझ चुकी है, लेकिन आगजनी का शिकार हुईं दुकानों और मकानों पर निशान अब भी बाकी हैं। शहर में 12 अप्रैल तक कर्फ्यू और इंटरनेट सेवा बंद है। लोग घरों में कैद हैं, लेकिन करौली में ऐसे हालात क्यों बने, हिंसा क्यों भड़की, पुलिस, खूफिया एजेंसी कहां फैल रहीं, सामजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश किसने की ? ऐसे कई सवालों का लोग इंतजार कर हैं। खासकर वे लोग जिनका कोई अपना हिंसा में जख्मी हो गया या जिसकी दुकान और मकान जलकर खाक हो गया।

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प्रदेश में कारौली हिंसा कोई पहली घटना नहीं है जिसने सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारा बिगड़ा हो। इससे पहले भी राज्य के कई शहरों में नफरत की चिंगारी ऐसी भड़की कि आगजनी में तब्दील हो गई। अक्टूबर 2019 से राजस्थान नफरत की आग में पांच बार जल चुका है। यह हालात तब हैं जब कोरोना महामारी के कारण दो साल तक प्रदेश में सभी तरह के आयोजनों पर रोक थी। 
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लॉकडाउन और पाबंदियों के बीच लोग घरों में रह रहे थे। इसके बाद भी प्रदेश में पांच बार हालात बिगड़े और दो समुदाओं के लोग आमने सामने आ गए। इसका नतीजा भी वहीं हुआ जो हर बार हिंसा में होता है, पथराव, आगजनी, लोगों की मौत और जिंदगीभर के जख्म। आइए, अब आपको सिलसिलेवार तरीके से बताते हैं कि प्रदेश का कौन सा जिला कब हिंसा की आग में जला...

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Five major incidents of violence in Rajasthan
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

टोंक: दशहरा के जुलूस पर पथराव, कर्फ्यू के बाद इंटरनेट सेवा करनी पड़ी थी बंद
08 अक्टूबर 2019: दशहरा का जुलूस निकाला जा रहा था। मालपुरा कस्बे में कुछ उपद्रवियों ने जुलूस में शामिल लोगों पर पथराव शुरू कर दिया। देखते ही देखते दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए। हालात काबू करने के लिए प्रशासन को कर्फ्यू लगाना पड़ा और इंटरनेट सेवा भी बंद करनी पड़ी।

कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए टोंक और जयपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर इलाके में तैनात किया गया है। तनाव के कारण रावण का पुतला नहीं जलाया जा सका। प्रशासन ने रातभर  लोगों को समझाया, लेकिन वह नहीं माने। इसके बाद प्रशासन ने 9 अक्टूबर को पुतला दहन कराया।

डूंगरपुर:  उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर भड़की हिंसा, घरों और वाहनों में तोड़फोड़  
24 सितंबर 2020: राजस्थान शिक्षक भर्ती 2018 की अनारक्षित वर्ग की 1167 सीटों को जनजाति वर्ग से भरने की मांग को लेकर सात सितंबर को कांकरी डूंगरी पर महापड़ाव शुरू हुआ। इस दौरान 200 से ज्यादा अभ्यर्थी पहाड़ी पर धरने पर बैठे गए। 14 तारीख को उच्च स्तरीय समिति की बैठक होनी थी, लेकिन वह निरस्त हो गई।

तत्कालीन चौरासी विधायक राजकुमार रोत भी धरने में शामिल हुए। हाईवे जाम की चेतावनी के बाद डूंगरपुर, उदयपुर और प्रतापगढ़ सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में युवा महापड़ाव स्थल पर पहुंचते रहे।

24 तारीख को युवाओं के सब्र का बांध टूट गया। इसी दिन दोपहर को युवाओं की भीड़ कांकरी डूंगरी पहाड़ी से उतरी और उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे पर हिंसा करने लगी। इस दौरान पथराव में 35 पुलिसकर्मी घायल हुए। घरों, होटलों और वाहनों में आगजनी और तोड़फोड़ की गई। सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। तीन दिन बाद 27 सितंबर को हाईवे पर खुल सका।

बारां: दो युवकों की हत्या के बाद हिंसक हुई भीड़, पुलिस को दागने पड़े आंसू गैस के गोले
11 अप्रैल 2021: बारां जिले के छाबड़ा में दो युवकों की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। इससे जिले में हिंसा भड़क गई। इसके बाद इंटरनेट बंद कर जिले में कर्फ्यू लगा दिया गया। सांप्रदायिक हिंसा के दौरान दर्जनों वाहनों, दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। हिंसक भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस आंसू गैस के गोले दागने पड़े। उग्र प्रदर्शनकारियों ने सरकारी वाहन और संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। 

Five major incidents of violence in Rajasthan
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

झालावाड़: युवाओं के विवाद ने लिया सामप्रदायिक रंग, भड़की हिंसा
19 जुलाई 2021: दो समुदाओं के युवाओं के बीच किसी बाद को लेकर विवाद हो गया। कुछ देर बाद इस विवाद ने सामप्रदायिक रंग ले लिया और हिंसा भड़क गई। दोनों समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। इसके बाद आगजनी और तोड़फोड़ की जाने लगी। लोगों को काबू करने पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। वहीं अफवाहों को रोकने के लिए प्रशासन ने तीन दिन के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी। हालांकि यह पूरे जिले में ऐसा नहीं किया गया था। पुलिस ने हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 200 से ज्यादा लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए थे। 

करौली: बाइक रैली के पर पथराव के बाद दो समुदायों में टकराव, 43 से ज्यादा घायल  
02 अप्रैल 2022: हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर विशेष समुदाय के लोगों ने पथराव कर दिया। इससे हटवारा बाजार में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। उपद्रवियों ने 35 से ज्यादा दुकानों, मकानों और बाइकों में आग लगा दी। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया और शहर में धारा 144 लागू कर दी, लेकिन इससे हालात नहीं संभले। इसके बाद प्रशासन ने जिले में कर्फ्यू लगाया और फिर इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित 43 से ज्यादा लोग घायल हो गए। आज दस अप्रैल रात 12 बजे तक जिले में कर्फ्यू लगा हुआ है।
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