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Hindi News ›   Rajasthan ›   Families of children suffering from SSPE virus submitted memorandum to Dausa Collector

Rajasthan: SSPE का देश-विदेश में इलाज नहीं, धीरे-धीरे दम तोड़ रहे मरीज, मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

Tue, 16 Jan 2024 08:46 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा Published by: उदित दीक्षित Updated Tue, 16 Jan 2024 08:46 PM IST
सार

एसएसपीई वायरस से पीड़ित परिजनों ने मंगलवार को दौसा जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार से इस बीमारी से इलाज खोजने की मांग की गई। 

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Families of children suffering from SSPE virus submitted memorandum to Dausa Collector
परिजनों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एसएसपीई वायरस का देश-विदेश में कहीं भी इलाज नहीं हैं। इससे पीड़ित मरीज तड़प-तड़प कर दम तोड़ देते हैं। राजस्थान के दौसा जिले में एक बच्ची प्रगति पांच साल से इस बीमारी से पीड़ित है। उसके पिता बनवारी लाल बेटी को देशभर में कई डॉक्टर को दिखा चुके हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि इस बीमारी का देश ही नहीं विदेश में भी कोई इलाज नहीं है। बेटी के इलाज के लिए पिता अब तक खुद के पास मौजूद और कर्ज लेकर करीब 40 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। लेकिन, उनकी बेटी आज भी तड़प रही है। 

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जानकारी के अनुसार दौसा में एसएसपीई वायरस से पीड़ित आठ बच्चे थे, जिनमें से चार की मौत हो गई। बाकी चार बच्चे आज भी बीमारी से लड़ रहे हैं। वहीं, देश में ऐसे मरीजों की संख्या 58000 के करीब है। इलाज नहीं मिलने के कारण मरीजों की हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। वहीं, उनके परिजनों की आर्थिक हालत भी हर दिन खराब होती चली जा रही है। इन समस्याओं को देखते हुए एसएसपीई वायरस से पीड़ित परिजनों ने मंगलवार को दौसा जिला कलेक्टर देवेंद्र कुमार यादव को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें केंद्र और राज्य सरकार से इस बीमारी से इलाज खोजने की मांग की गई। 
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एसएसपीई वायरस के लक्षण 
यह बीमारी 6 महीने के बच्चे से 52 साल तक के व्यक्ति को हो सकती है। देश में 58000 लोग इससे पीड़ित हैं। एसएसपीई ग्रुप में 856 बच्चे हैं। पढ़ाई में कमजोर होना, पागल होना, पैर का काम नहीं करना, बोलना बंद होना, शरीर में झटके लगना, दांत पीसना, आंखें की रोशनी जाना, कान में पानी आना, हाथ-पैर मुड़ जाना, बच्चा खाना नहीं खाना समेत अन्य इस बीमारी के लक्षण हैं।  

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