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Diwali 2022: इस मंदिर में चिट्ठी लिखकर महालक्ष्मी को लगाते हैं अर्जी, साढ़े 5 किलो चांदी से होता है श्रृंगार

Mon, 24 Oct 2022 02:57 PM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बांसवाड़ा Published by: रोमा रागिनी Updated Mon, 24 Oct 2022 02:57 PM IST
सार

Diwali 2022: इस मंदिर में चिट्ठी लिखकर महालक्ष्मी को लगाते हैं अर्जी, साढ़े 5 किलो चांदी से होता है श्रृंगार

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devotees worships Maa Mahalakshmi Temple Banswara on Diwali 2022
मां महालक्ष्मी की प्रतिमा - फोटो : Social Media

विस्तार

दिवाली के त्योहार पर मंदिर से लेकर बाजारों में रौनक है। दिवाली में श्रद्धालु मां लक्ष्मी की पूजा कर सुख और समृद्धि की कामना करते हैं। दिवाली पर मंदिर से लेकर घरों में मां लक्ष्मी की उपासना की जाती है लेकिन राजस्थान में एक ऐसा लक्ष्मी मंदिर है, जहां भक्त मां लक्ष्मी को चिट्ठी लिखकर अपनी मनोकामना पूरी करने की अर्जी लगाते हैं।

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480 साल ्पुराना है मंदिर
बांसवाड़ा शहर में प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर है। कहा जाता है कि यह मंदिर 480 साल पुराना है। मान्यता है कि चिट्ठी लिखकर मां लक्ष्मी से मन की बात कही जाए तो मां जरूर मन्नत पूरी करती हैं। यही वजह है कि यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरा कराने के लिए चिट्ठियां चढ़ाते हैं। यहां तक की माता के दर्शन करने आने वाले दान पत्र में भी चिट्ठियां डालकर जाते हैं। 

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महालक्ष्मी मंदिर में आए श्रद्धालुओं की चिट्ठी रख ली जाती है। श्राद्ध पक्ष की अष्टमी पर मां का जन्मदिवस मनाया जाता है। इसी दिन या बसंत पंचमी पर चिट्ठी खोली जाती हैं। यहां चिट्ठियां केवल दो से तीन साल ही एकत्रित रखी जाती है। फिर इसे बाद में विसर्जित कर दिया जाता है।

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16 दल के कमल पर विराजित हैं मां लक्ष्मी

मंदिर में स्थापित प्रतिमा सफेद मार्बल से बनी है, जो की साढ़े तीन फीट की है। मां लक्ष्मी 16 दल के कमल के आसन पर बैठे हुए रूप में विराजित है। पंडितों का कहना है कि बैठी हुई लक्ष्मीजी की पूजा करने से माता सदैव आपके घर में विराजित रहती हैं।

सोना-चांदी से होता है मां लक्ष्मी का श्रृंगार
दीवाली पर महालक्ष्मी जी की प्रतिमा का पहले साढ़े पांच किलो चांदी के वस्त्रों से श्रृंगार किया जाता है। इसके अलावा सोने का हार, अंगुठी, नथ भी पहनाई जाती है। खास बात यह है कि मंदिर में कोई गार्ड भी नहीं रखा गया है। दिवाली पर मंदिर में भक्तों का तांता लगता है, जो चिट्ठी लिखकर मां से मन की बात कहते हैं।

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