{"_id":"677bee8d888ddf4e8f0bd292","slug":"who-will-win-the-by-election-in-ward-no-17-bhupendra-saini-and-deepak-prajapat-dausa-news-c-1-1-noi1350-2493725-2025-01-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dausa News: 9 जनवरी को होगा वार्ड 17 पार्षद पद का उपचुनाव, भाजपा-कांग्रेस ने कसी कमर; तैयारी पूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dausa News: 9 जनवरी को होगा वार्ड 17 पार्षद पद का उपचुनाव, भाजपा-कांग्रेस ने कसी कमर; तैयारी पूरी
Mon, 06 Jan 2025 09:38 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2025 09:38 PM IST
सार
दौसा में नगर परिषद के उपचुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच घमासान मचने लगा है। नगर परिषद वार्ड नंबर 17 पार्षद उपचुनाव के लिए बीजेपी ने भूपेंद्र सैनी को तो कांग्रेस ने दीपक प्रजापत को चुनावी मैदान में उतारा है।
विज्ञापन
दौसा नगर परिषद उपचुनाव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
2020 में हुए नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 17 से वर्तमान कांग्रेस उम्मीदवार दीपक प्रजापत के पिता मोहनलाल प्रजापत कांग्रेस के टिकट पर 42 वोटों से विजय हुए थे। जिसके बाद एक धार्मिक यात्रा के दौरान मोहनलाल प्रजापत की मौत हो जाने के चलते दौसा नगर परिषद के वार्ड नंबर 17 में यह उपचुनाव हो रहे हैं।
भूपेंद्र सैनी की बात करें तो भूपेंद्र सैनी 2020 के नगर परिषद चुनाव के दौरान मोहनलाल प्रजापत के सामने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और 42 वोटो के अंतराल से चुनाव हार गए। अब उनकी मौत के बाद उनके बेटे दीपक प्रजापत को कांग्रेस ने टिकट देकर भूपेंद्र सैनी के सामने चुनावी मैदान में उतारा है, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों आमने-सामने चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
वार्ड नंबर 17 में लगभग 1200 के आसपास मतदाता हैं और दो पोलिंग बूथों पर मतदान 9 जनवरी को होना है। इधर भाजपा और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोक रखी है, जिसके चलते दोनों ही परियों के उम्मीदवार चुनाव जीतने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। वार्ड नंबर 17 में अधिकांश मतदाता सामान्य वर्ग के हैं और भूपेंद्र सैनी पूर्व में यहां से 42 वोटों से चुनाव हारे हैं, जिसके चलते भूपेंद्र सैनी यहां कोई नए उम्मीदवार के तौर पर नहीं है।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर दीपक प्रजापत की बात करें तो उनके पिता की मौत के बाद खाली हुई यह पार्षद सीट उनके लिए भी नई हैं। वार्ड नंबर 17 की इस सीट के लिए अगस्त माह में भी चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद नामांकन भी हो गया था, लेकिन उसे समय चुनाव निरस्त हुआ और उसके बाद अब 9 जनवरी को इस नगर परिषद के वार्ड नंबर 17 के लिए उपचुनाव होना है।
विज्ञापन
भूपेंद्र सैनी की बात करें तो भूपेंद्र सैनी 2020 के नगर परिषद चुनाव के दौरान मोहनलाल प्रजापत के सामने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और 42 वोटो के अंतराल से चुनाव हार गए। अब उनकी मौत के बाद उनके बेटे दीपक प्रजापत को कांग्रेस ने टिकट देकर भूपेंद्र सैनी के सामने चुनावी मैदान में उतारा है, जहां भाजपा और कांग्रेस दोनों आमने-सामने चुनावी मैदान में डटे हुए हैं।
विज्ञापन
वार्ड नंबर 17 में लगभग 1200 के आसपास मतदाता हैं और दो पोलिंग बूथों पर मतदान 9 जनवरी को होना है। इधर भाजपा और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोक रखी है, जिसके चलते दोनों ही परियों के उम्मीदवार चुनाव जीतने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं। वार्ड नंबर 17 में अधिकांश मतदाता सामान्य वर्ग के हैं और भूपेंद्र सैनी पूर्व में यहां से 42 वोटों से चुनाव हारे हैं, जिसके चलते भूपेंद्र सैनी यहां कोई नए उम्मीदवार के तौर पर नहीं है।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर दीपक प्रजापत की बात करें तो उनके पिता की मौत के बाद खाली हुई यह पार्षद सीट उनके लिए भी नई हैं। वार्ड नंबर 17 की इस सीट के लिए अगस्त माह में भी चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद नामांकन भी हो गया था, लेकिन उसे समय चुनाव निरस्त हुआ और उसके बाद अब 9 जनवरी को इस नगर परिषद के वार्ड नंबर 17 के लिए उपचुनाव होना है।