{"_id":"6ad9e02f8128f8222c09138a","slug":"humanity-shamed-16-year-old-minor-subjected-to-brutal-assault-newborn-dies-after-delivery-four-teams-engaged-in-the-search-dausa-news-c-1-1-noi1437-4860300-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"दौसा: 16 वर्षीय किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म, नवजात की मौत; आरोपियों की तलाश में चार टीमें गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दौसा: 16 वर्षीय किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म, नवजात की मौत; आरोपियों की तलाश में चार टीमें गठित
Thu, 22 Oct 2026 04:51 PM IST
दौसा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: दौसा ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2026 04:51 PM IST
सार
राजस्थान के दौसा जिले में 16 वर्षीय किशोरी के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और प्रसव के बाद नवजात की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। कोलवा थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में पीड़िता नवजात को लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर चार टीमें गठित की हैं।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
दौसा जिले में गुरुवार को सामने आए इस मामले से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कथित तौर पर अपहरण और यौन उत्पीड़न की शिकार किशोरी गंभीर हालत में नवजात को कपड़ों में लपेटकर जिला अस्पताल पहुंची। चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। पुलिस अब पीड़िता के बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
अस्पताल पहुंची किशोरी, जांच में नवजात की मौत की पुष्टि
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे किशोरी अपने नवजात को लेकर दौसा जिला अस्पताल के महिला चिकित्सालय के आपातकालीन वार्ड में पहुंची। उसकी हालत गंभीर थी और वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। उसकी स्थिति देखकर अस्पताल के कर्मचारी भी चिंतित हो गए।
डॉक्टरों ने तत्काल नवजात की जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद किशोरी को भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया और नियमानुसार पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर कोलवा थाना और महिला थाना पुलिस की टीमें अस्पताल पहुंचीं।
विज्ञापन
परिजनों ने अपहरण कर सुनसान जगह ले जाने का लगाया आरोप
पीड़िता और उसके परिजनों की ओर से पुलिस को दी गई शुरुआती जानकारी के अनुसार, कुछ युवकों ने किशोरी का कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। आरोप है कि आरोपी उसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ एक सुनसान इलाके में ले गए और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
परिजनों के आरोपों के मुताबिक, इसी दौरान किशोरी की तबीयत बिगड़ गई और उसने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर पीड़िता और नवजात को वहीं छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद किशोरी नवजात को कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंची। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस ने बनाई चार विशेष टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए दौसा पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी शंकर लाल मीणा के अनुसार, किशोरी नवजात को लेकर अस्पताल पहुंची थी, जहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। पीड़िता के बयानों और शुरुआती तथ्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस घटनास्थल, कथित अपहरण और आरोपियों की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया है। महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उसके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस के अनुसार, मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
अस्पताल में इलाज और काउंसलिंग की व्यवस्था
जिला अस्पताल में किशोरी का इलाज जारी है। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है और काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है। पुलिस ने परिजनों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। घटना सामने आने के बाद जिले में आक्रोश का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना जांच का प्रमुख हिस्सा है।
विज्ञापन
अस्पताल पहुंची किशोरी, जांच में नवजात की मौत की पुष्टि
जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे किशोरी अपने नवजात को लेकर दौसा जिला अस्पताल के महिला चिकित्सालय के आपातकालीन वार्ड में पहुंची। उसकी हालत गंभीर थी और वह ठीक से चल भी नहीं पा रही थी। उसकी स्थिति देखकर अस्पताल के कर्मचारी भी चिंतित हो गए।
विज्ञापन
डॉक्टरों ने तत्काल नवजात की जांच की, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। चिकित्सकों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद किशोरी को भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया और नियमानुसार पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर कोलवा थाना और महिला थाना पुलिस की टीमें अस्पताल पहुंचीं।
विज्ञापन
परिजनों ने अपहरण कर सुनसान जगह ले जाने का लगाया आरोप
पीड़िता और उसके परिजनों की ओर से पुलिस को दी गई शुरुआती जानकारी के अनुसार, कुछ युवकों ने किशोरी का कथित तौर पर अपहरण कर लिया था। आरोप है कि आरोपी उसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की तरफ एक सुनसान इलाके में ले गए और उसके साथ यौन उत्पीड़न किया।
परिजनों के आरोपों के मुताबिक, इसी दौरान किशोरी की तबीयत बिगड़ गई और उसने बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद आरोपी कथित तौर पर पीड़िता और नवजात को वहीं छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद किशोरी नवजात को कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंची। पुलिस इन आरोपों की जांच कर रही है।
आरोपियों की तलाश में पुलिस ने बनाई चार विशेष टीमें
मामले की गंभीरता को देखते हुए दौसा पुलिस ने जांच तेज कर दी है। एडिशनल एसपी शंकर लाल मीणा के अनुसार, किशोरी नवजात को लेकर अस्पताल पहुंची थी, जहां डॉक्टरों ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। पीड़िता के बयानों और शुरुआती तथ्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस घटनास्थल, कथित अपहरण और आरोपियों की भूमिका समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मेडिकल परीक्षण और बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया है। महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में उसके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया गया है, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। पुलिस के अनुसार, मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
अस्पताल में इलाज और काउंसलिंग की व्यवस्था
जिला अस्पताल में किशोरी का इलाज जारी है। उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है और काउंसलिंग की व्यवस्था भी की गई है। पुलिस ने परिजनों को सुरक्षा का आश्वासन दिया है। घटना सामने आने के बाद जिले में आक्रोश का माहौल है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि करना जांच का प्रमुख हिस्सा है।