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Dausa News: दुष्कर्म पीड़िता ने बदले बयान तो न्यायालय ने डीएनए के आधार पर सुनाई सजा, 20 साल का कठोर कारावास
Fri, 29 Mar 2024 08:31 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 29 Mar 2024 08:31 AM IST
सार
दो साल पुराने दुष्कर्म के एक मामले में बार-बार पीड़िता द्वारा बयान बदले जाने के बाद न्यायालय ने डीएनए को आधार मानकर आरोपी को बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दौसा जिले में 4 अप्रैल 2022 के एक मामले में पीड़िता के पिता ने महिला पुलिस थाना, दौसा में एक रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ ताराचंद नाम का एक व्यक्ति दुष्कर्म करके फरार हो गया।
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पीड़िता के पिता ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि दुष्कर्मी ताराचंद ने घर में सो रही उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म किया और पीड़िता के शोर मचाने पर अपना मोबाइल, मोटर साइकिल मौके पर छोड़कर भाग गया। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार विभिन्न धाराओं समेत पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज कर पॉक्सो न्यायालय, दौसा में चालान पेश किया।
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इस संबंध में सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक द्वारा अभियोजन पक्ष की ओर से 21 गवाह एवं 33 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए। लेकिन बाद में मुलजिम एवं पीड़ित पक्ष द्वारा राजीनामा कर बयान बदल लिये गए।
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बार-बार बदले जा रहे बयानों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने डीएनए रिपोर्ट, एफआईआर, गवाहों एवं दस्तावेजों के आधार पर ताराचन्द पुत्र गंगाराम को दोषी मानते हुए 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं 1 लाख दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसी के साथ बार-बार बयान बदलने के कारण पीड़िता को किसी भी प्रकार के कम्पनसेशन से भी वंचित किया गया है।