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Dausa District Hospital: मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा अस्पताल प्रशासन, हेल्पर खींच रहे एक्स-रे
Sat, 06 Jan 2024 10:13 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दौसा
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sat, 06 Jan 2024 10:13 PM IST
सार
दौसा जिला अस्पताल का एक्स-रे विभाग हेल्परों के भरोसे चल रहा है। यहां शाम और रात की ड्यूटी में रेडियोग्राफर तो रहते हैं, लेकिन वे मौज काटते हैं। प्रदेश में राज तो बदला, लेकिन रिवाज बिगड़ गया।
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हेल्पर कर रहा एक्सरे
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दौसा जिला अस्पताल में कई साल से हेल्पर ही रेडियोग्राफी का काम कर रहे हैं। इस सारे मामले में मजे की बात यह है कि यह पूर्व चिकित्सा मंत्री परसादी लाल मीणा का गृह जिला है और जिले का सबसे बड़ा अस्पताल है। वैसे तो परसादी लाल मीणा के चिकित्सा मंत्री बनने के बाद दौसा जिला अस्पताल सुर्खियों में रहा और हमेशा विवादों में भी रहा है। लेकिन अब सरकार का राज बदल गया, लेकिन रिवाज वही है। आम आदमी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होना यहां आम बात होती चली जा रही है।
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दौसा जिला अस्पताल के कर्मचारियों का कार्य करने का ढंग बदलने के बजाय ज्यादा बिगड़ा है। कहने को तो यहां कई एक्स-रे विभाग में रेडियोग्राफरों की तैनाती है। लेकिन साहब यहां मरीज की एक्स-रे रिपोर्ट हेल्परों के द्वारा तैयार की जा रही है। ऐसे में जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के स्वास्थ्य के साथ में खिलवाड़ होने का मामला सामने आया है।
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वहीं, इस मामले को लेकर के ड्यूटी पर कार्यरत हेल्पर ने खुद का नाम न छापने की बात पर बताया कि पिछले करीब चार-पांच वर्षों से हमें नाइट एवं इवनिंग ड्यूटी करने के लिए हमारे इंचार्ज ने हमें मजबूर कर रखा है। जो परमानेंट स्टाफ हैं, वो केवल सुबह की पारी में ही ड्यूटी करके अपने घरों के लिए चले जाते हैं। अगर ऐसे में मरीजों के साथ में किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो जाती है तो उसके लिए हमें ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा। जबकि हम लोग जिम्मेदारी के पात्र नहीं हैं।
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हम लोग यहां के परमानेंट स्टाफ भी नहीं हैं। हम लोग हेल्पर हैं, इसलिए हमें इंचार्ज ने इवनिंग और नाइट ड्यूटी में लगाते हैं। जबकि हम लोग टेक्नीशियन भी नहीं हैं। फिर भी हमारा शोषण किया जा रहा है। जबकि एक्स-रे करने का कार्य रेडियोग्राफर का होता है और रेडियोग्राफर का कार्य यहां हेल्पर से करवाया जा रहा है। इवनिंग और नाइट में हेल्पर ड्यूटी का चार्ट बना रखा है, जिसमें इवनिंग ड्यूटी और नाइट ड्यूटी में केवल हेल्पर ही लगाए जाते हैं और रेडियोग्राफर मजे मे रहते हैं।
वहीं, इस मामले को लेकर पूर्व में कई बार उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। लेकिन उच्च अधिकारी हमारे ऊपर नाइट और इवनिंग में कार्य करने का दबाव बना कर नाइट और इवनिंग ड्यूटी करवाते हैं। हालांकि, अब इस मामले में देखना यह होगा कि जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों के एक्स-रे की रिपोर्ट हेल्पर ही बनाते रहेंगे और लोगों की जिंदगी के साथ यूं ही खिलवाड़ होता रहेगा या कुछ बदलेगा भी।