Rajasthan: अतिक्रमण हटाने के विरोध में दलित ने पुलिस के सामने किया आत्मदाह, 60 फीसदी जला
अलवर में कोर्ट के आदेश पर पुलिस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने गई थी। कार्रवाई के विरोध में व्यक्ति ने खुद को आग लगा ली। गंभीर हालत में उसे अलवर से जयपुर रेफर कर दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अलवर जिले के मालाखेड़ा के चांदपहाड़ी गांव में एक जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए विरोध में एक दलित ने खुद को आग लगा ली। इस दौरान व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। उसे गंभीर हालत में अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मालाखेड़ा क्षेत्र के नटनी का बारा के पास चांदपहाड़ी गांव में 15 बीघा सरकारी जमीन को पंचायत ने कन्हैया लाल को अलॉट की थी लेकिन उस जमीन पर गांव के मंतूराम का कब्जा था। कन्हैयालाल कई बार कब्जा लेने के लिए पहुंचा लेकिन मंगतूराम ने उसे कब्जा नहीं लेने दिया। इस पर यह मामला कोर्ट में पहुंचा। कोर्ट ने कन्हैया लाल के पक्ष में फैसला देते हुए पुलिस और प्रशासन को जमीन से अतिक्रमण हटवाने के आदेश दिए। जिस पर सोमवार को मालाखेड़ा एसडीएम और मालाखेड़ा थाने की पुलिस जमीन से अतिक्रमण हटवाने पहुंची थी। इसी दौरान मंतूराम के बेटे करण सिंह गुर्जर ने खुद पर डीजल डालकर खुद को आग लगा ली।
पुलिस ने तुरंत कपड़ा और मिट्टी डालकर आग बुझाया और करण सिंह को अस्पताल लेकर पहुंची। उसे अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। करण सिंह 60 फीसदी से अधिक जल गया है। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जयपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस के आला अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली।