फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Court judgment on 37 years old property dispute of Mewar royalty

मेवाड़ राजघराने के 37 साल पुराने संपत्ति विवाद पर आया कोर्ट का फैसला, ऐसे किया बटवारा 

Wed, 01 Jul 2020 02:14 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला न्यूज डेस्क, उदयपुर
अमर उजाला न्यूज डेस्क, उदयपुर Published by: विक्रांत चतुर्वेदी Updated Wed, 01 Jul 2020 02:14 PM IST
विज्ञापन
Court judgment on 37 years old property dispute of Mewar royalty
मेवाड़ के इतिहास की मूर्तियां
मेवाड़ राजघराने की संपत्ति के 37 साल पुराने विवाद आखिरकार कोर्ट के माध्यम से हल हो गया। इस संबंध में सुनवाई करते हुए अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश महेंद्र कुमार दवे ने मंगलवार को पूर्व महाराणा स्वर्गीय भगवत सिंह के हिस्से में 25 प्रतिशत संपत्ति मानी है, जबकि बाकी बची 75 प्रतिशत संपत्ति को महेंद्र सिंह मेवाड़, अरविंद सिंह मेवाड़ और बेटी योगेश्वरी का माना है। गौरतलब है कि संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने पर महेंद्र सिंह मेवाड़ ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिस पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। 
विज्ञापन


दरअसल, 15 अप्रैल 1948 को मेवाड़ के अंतिम महाराणा भूपाल सिंह ने भारत सरकार से अंगीकार पत्र हस्ताक्षर किए थे। उनके निधन के बाद पुत्र भगवत सिंह की सभी संपत्तियां हिंदू अविभक्त कुटुंब की रहीं और महेंद्र व परिवार के सभी सदस्य इस संपत्ति में विधिपूर्ण हकदार भी माने गए। 
विज्ञापन


जानिए क्या है विवाद का कारण 
महेंद्र सिंह ने पिता भगवत सिंह, भाई अरविंद सिंह, मां महारानी सुशीला, दादी राजमाता विरद कुंवर के खिलाफ 22 अप्रैल 1983 को जिला न्यायाधीश के समक्ष वाद पेश किया था। केस करने के पीछे का कारण था जनवरी 1983 में भगवत सिंह द्वारा उन्हें कानूनी अधिकार देने से इंकार करना। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed