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Coronavirus: रामगंज में भीलवाड़ा मॉडल से काबू कर लेंगे हालात - अशोक गहलोत

Tue, 07 Apr 2020 08:49 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 07 Apr 2020 08:49 PM IST
सार

  • 40 स्थानों पर है कर्फ्यू, जयपुर के रामगंज को भी ठीक कर लेंगे
  • 10 लाख रैपिड टेस्टिंग किट का आर्डर
  • राज्य सरकार कम से कम पांच करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग करना चाहती है
  • इस समय निर्यात की छूट देने की नीति पर उठाए सवाल
  • भीलवाड़ा मॉडल की विशेषताएं फिर याद दिलाईं

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CoronaVirus: Rajasthan CM ashok gehlot show confidence to control the situation of ramganj like bhilwara
CM Ashok Gehlot - फोटो : ANI (File)

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कोरोना के हॉटस्पॉट बने जयपुर के रामगंज मुहल्ले के हालात पर भी भीलवाड़ा मॉडल से जल्दी ही काबू पा लेने के लिए आश्वस्त हैं। भीलवाड़ा मॉडल का नाम लेते हुए गहलोत के चेहरे पर विजयी भाव उभर आते हैं क्योंकि इसे तमाम अन्य सीएम तथा केन्द्र भी सराह रहे हैं।
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कहते हैं, 3 मार्च को इटली के पर्यटकों का कोविड-19 का पहला मामला जानकारी में आया था, उसके बाद ही मैं सतर्क हो गया था। राहुल गांधी को श्रेय देते हुए गहलोत कहते हैं कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कोविड-19 को लेकर 12 फरवरी से चेता रहे थे। केन्द्र सरकार ने 22 मार्च से लॉकडाऊन की ओर बढ़ना शुरू किया था लेकिन हम 18 मार्च से राजस्थान में कोविड-19 से लडऩे के लिए इसे अपना रहे हैं।

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40 स्थानों पर है कर्फ्यू, जयपुर के रामगंज को भी ठीक कर लेंगे

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वीडियो वार्ता और फिर अमर उजाला से अलग से बातचीत में मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि राजस्थान अभी कोविड-19 के खतरे से मुक्त नहीं हुआ है। 40 स्थानों पर अभी भी कर्फ्यू लगाया गया है। तीन स्तर पर टीमें बनाकर मानिटरिंग की जा रही है। लॉकडाऊन को लेकर पूर्व केन्द्रीय वित्त सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनी है। एक टास्कफोर्स और बनी है।


राज्य सरकार हालात पर नजर रखकर लोगों की जान बचाने में सक्रिय है। उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी अपने स्तर से कोऑर्डिनेश के काम में लगे हैं। राज्य सरकार की रणनीति है कि हॉटस्पॉट बने रामगंज मोहल्ले में भी भीलवाड़ा की तरह रैंडम टेस्टिंग करके लोगों की पहचान कर इलाज किया जाएगा।

10 लाख रैपिड टेस्टिंग किट का आर्डर

गहलोत कहते हैं, राजस्थान की आबादी 7.5 करोड़ है और राज्य सरकार कम से कम पांच करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग करना चाहती है। इसके लिए एक लाख बेड की व्यवस्था की जा रही है और 10 लाख रैपिड टेस्ट किट का आर्डर किया है। रैंडम टेस्टिंग के  जरिए इस लक्ष्य को पाने का संकल्प है।

इसके लिए चिकित्सकों, नर्सों अन्य स्टाफ के लिए मास्क, पीपीई किट आदि का भी इंतजाम किया गया है। अशोक गहलोत ने बताया कि वह केन्द्र सरकार के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए कोविड-19 से लड़ने के लिए कृतसंकल्प हैं।

भारत से निर्यात समझ में नहीं आया

मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार की निर्यात की नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वीन के भारत से आयात पर जुड़े सवाल को लेकर कहा कि अपने लोगों की जान बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत को कोविड-19 से लडऩे के लिए संसाधनों की काफी जरूरत है।

ऐसे समय में केन्द्र सरकार द्वारा विदेशों को चिकित्सा से जुड़े उपकरणों या दवाओं के निर्यात की छूट देना समझ से परे है। 

क्या है भीलवाड़ा मॉडल?

अशोक गहलोत से इस मॉडल का नाम लेते ही उनके चेहरे पर विजयी भाव उभर आते हैं। बताते हैं, कई राज्य अब इसे अपना रहे हैं। केन्द्र सरकार को भी भीलवाड़ा मॉडल अच्छा लगा है। भीलवाड़ा के बांगड़ में एक अस्पताल के एक चिकित्सक कोविड-19 से संक्रमित हुए। उनसे यह संक्रमण 19 लोगों में फैला।

इसके बाद भीड़वाड़ा प्रशासन, राज्य सरकार, चिकित्सा विभाग ने कड़ा फैसला लिया। भीलवाड़ा से लगती गांवों, जिलों की सभी सीमाएं सील कर दी गईं। पूरे क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला परिषद सब इस काम में लग गए।

3000 हजार टीमों का गटन किया गया। पूरे भीलवाड़ा को क्वारंटीन करके चीन और दक्षिण कोरिया की तर्ज पर घर-घर जाकर लोगों की स्क्रीनिंग की गई। फिर 10  दिन में 18 लाख लोगों की स्क्रीनिंग का काम हुआ। सर्दी, जुकाम, बुखार के कोविड-19 जैसी आशंका वाले संक्रमितों को आइसोलेट करके क्वारंटीन किया गया। गंभीर रूप से संक्रमितों का इलाज किया गया।



करीब छह लाख परिवारों के 30 लाख लोगों की स्क्रीनिंग के बाद भीलवाड़ा में कोविड-19 के संक्रमण पर काबू पा लिया गया। लोगों को क्वारंटीन करने के लिए सभी होटल, रेस्ट हाउस समेत अन्य रिसोर्स का इस्तेमाल किया गया। हास्टल आदि में बेड, आइसोलेशन की व्यवस्था की गई।

25-25 बेड के चार अस्पतालों में कोविड-19 के संक्रमित लोगों को रखा गया। साथ ही 7.2 लाख लोगों की निगरानी की गई। अब केवल 7 पॉजिटिव संक्रमण वाले मरीज रह गए हैं और मुख्यमंत्री गहलोत को भरोसा है कि जल्द ही ठीक करके घर भेज दिए जाएंगे।

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