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सीईसी ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का जोरदार हमला; 28 सितंबर को राजस्थान में क्या करने जा रही कांग्रेस...जानिए

Thu, 24 Sep 2026 04:09 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 24 Sep 2026 04:09 PM IST
सार

राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधा। कांग्रेस 28 सितंबर को जयपुर में चुनाव आयोग मुख्यालय का घेराव करेगी और वोट चोरी के आरोप लगाए।

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Congress Targets CEC Gyanesh Kumar; What Is Planned in Rajasthan on September 28?
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा

विस्तार

चुनाव आयोग के भीतर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के फैसलों को लेकर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद कांग्रेस ने आयोग के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। राजस्थान कांग्रेस 28 सितंबर को जयपुर स्थित चुनाव आयोग के मुख्यालय का घेराव करेगी।

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए। डोटासरा ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के विभाग की तरह काम कर रहा है और कांग्रेस पूरे देश में इसके खिलाफ आंदोलन कर रही है।
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डोटासरा ने कहा कि जयपुर में नगर निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण 28 सितंबर को आयोग के मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।

'वोट चोरी देश का सबसे बड़ा मुद्दा'

डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस लगातार वोट चोरी का मुद्दा उठा रही है। उनका आरोप था कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के जरिए अलग-अलग राज्यों में सरकारें बनाई जा रही हैं। उन्होंने बिहार, बंगाल, हरियाणा और असम का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित वोट चोरी के मुद्दे उठा चुके हैं।

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उन्होंने परिसीमन और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए। डोटासरा ने कहा कि हाल में सामने आई एक मीडिया रिपोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

फॉर्म-6 में बदलाव पर क्या है विवाद?

चुनाव आयोग के दो सदस्यों की ओर से फॉर्म-6 में किए गए बदलाव और मतदाता सूची से जुड़े आईटी सिस्टम को लेकर आपत्ति दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में यह जानकारी मांगी गई कि आवेदक का, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली एसआईआर की मतदाता सूची में था या नहीं।
डोटासरा ने सवाल उठाया कि इस तरह का बदलाव किस प्रक्रिया के तहत किया गया और चुनाव आयोग के भीतर इस पर उठाई गई आपत्तियों का क्या हुआ। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।
उन्होंने मतदाता सूची से जुड़े आईटी सिस्टम के केंद्रीकरण पर भी सवाल उठाए। डोटासरा के मुताबिक, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में स्थानीय स्तर के अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, इसलिए सिस्टम में किए गए बदलावों की पारदर्शिता स्पष्ट होनी चाहिए।

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'चुनाव आयोग में सामूहिक फैसले होने चाहिए'

डोटासरा ने कहा कि चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में महत्वपूर्ण फैसले सामूहिक रूप से लिए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के भीतर से आपत्तियां आने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया।
चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम पर सामने आई रिपोर्ट में दोनों चुनाव आयुक्तों की ओर से करीब 10 महीने में कई मौकों पर असहमति दर्ज किए जाने की बात कही गई है। आयोग की ओर से हालांकि कहा गया है कि अलग-अलग राय आंतरिक जांच और पारदर्शिता की प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम फैसले आयोग ने सामूहिक रूप से लिए।

परिसीमन को लेकर भजनलाल सरकार पर निशाना

डोटासरा ने राजस्थान के नगर निकाय चुनाव में वार्डों के परिसीमन को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि अलग-अलग शहरों के वार्डों में मतदाताओं की संख्या में काफी अंतर है।
उन्होंने जोधपुर, कोटा, भरतपुर, अजमेर और जयपुर के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कई जगह वार्डों के आकार और मतदाता संख्या में बड़ा अंतर है। डोटासरा ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि वार्डों का परिसीमन किन मानकों के आधार पर किया गया।

पार्षदों के अपहरण से जुड़ी 155 एफआईआर दर्ज हुई

निकाय चुनाव के बाद पार्षदों की बाड़ेबंदी को लेकर भी डोटासरा ने सरकार और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 14 सितंबर के बाद प्रदेश में पार्षदों के अपहरण से जुड़ी 155 एफआईआर दर्ज हुई हैं।
उन्होंने मलसीसर, राजसमंद, झालावाड़, नीमराना और तिजारा सहित कई जगहों का जिक्र करते हुए पुलिस पर पार्षदों पर दबाव बनाने और उन्हें हिरासत में लेने के आरोप लगाए।


निकाय चुनाव के दौरान पार्षदों की बाड़ेबंदी और पुलिस की भूमिका को लेकर कांग्रेस पहले भी सरकार पर आरोप लगा चुकी है।
दूसरी ओर, इन आरोपों को लेकर संबंधित मामलों में अलग-अलग पुलिस और न्यायिक प्रक्रियाएं चल रही हैं। श्रीविजयनगर में एक पार्षद के कथित अपहरण के मामले में हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पार्षद को बरामद कर मतदान का अवसर दिया गया था।

पंचायत चुनाव को लेकर डोटासरा का दावाडोटासरा ने कहा कि निकाय चुनाव में भाजपा ने पुलिस और धनबल का इस्तेमाल कर ज्यादा बोर्ड बनाए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि पंचायत चुनाव में कांग्रेस भाजपा को कड़ी चुनौती देगी और पार्टी का प्रदर्शन निकाय चुनाव से अलग रहेगा।

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