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सियासी संग्राम: अपने ही विधायकों के फिर से फोन टैप करा रही गहलोत सरकार, पायलट समर्थक एमएलए का आरोप

Sun, 13 Jun 2021 07:48 AM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sun, 13 Jun 2021 07:48 AM IST
सार

कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने पायलट समर्थक विधायकों के फोन टैप कराने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा विधायकों को एसीबी ट्रैप की कार्रवाई कराने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद से राजस्थान में सियासी भूचाल आ गया है। 

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Congress MLAs saying their phones being tapped, says Sachin Pilot loyalist Ved Prakash Solanki
विधायक वेद प्रकाश सोलंकी - फोटो : ANI

विस्तार

राजस्थान सरकार का सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। सचिन पायलट खेमे की नाराजगी के बीच एक बार फिर गहलोत सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लग रहे हैं। कांग्रेस विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने पायलट समर्थक विधायकों के फोन टैप कराने के आरोप लगाए हैं। इसके अलावा विधायकों को एसीबी ट्रैप की कार्रवाई कराने की धमकी देने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के बाद से राजस्थान में सियासी भूचाल आ गया है। 

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सचिन पायलट समर्थक विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा, ''हमारे दो-तीन विधायकों ने मुझसे कहा है कि उनके फोन टैप हो रहे हैं। उनकी जासूसी कराई जा रही है। सीआईडी के लोग हमारे विधायकों के घरों के चक्कर लगा रहे हैं। अफसर आकर हमें कह रहे हैं कि आपको ट्रैप करवा दिया जाएगा। कई अफसरों ने हमारे विधायकों से आकर कहा है कि उन्हें एसीबी ट्रैप का डर दिखाकर बदनाम करने की धमकियां दी जा रही हैं।''
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सोलंकी ने कहा कि फोन टैपिंग को लेकर कुछ विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी शिकायत की है। इस मामले के सामने आने के बाद विधायकों में दहशत है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए ये सब ठीक नहीं है। गहलोत सरकार के ऊपर विधायकों की जासूसी और फोन टैपिंग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि यह सब विधायकों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जो सही नहीं है।

एक साल पहले भी लगे फोन टैपिंग के आरोप

बता दें कि सचिन पायलट खेमे की पिछले साल जुलाई में बगावत के वक्त भी फोन टैपिंग के आरोप लगे थे। भाजपा ने गहलोत सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगाए थे। इस मुद्दे पर खूब सियासी विवाद हुआ था। गहलोत खेमे ने पिछले साल जुलाई में ही विधायक खरीद फरोख्त का दावा करते हुए कुछ ऑडियो जारी किए गए थे। भाजपा का आरोप है कि सरकार ने गैरकानूनी फोन टैपिंग की।

केंद्रीय जलसंसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसी साल मार्च के आखिरी सप्ताह में दिल्ली में फोन टैपिंग के मामले में दिल्ली में एफआईआर करवाई थी। इसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी और पुलिस अफसरों को आरोपी बनाया था। मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा को हाल ही दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिली है। अगली सुनवाई अब अगस्त में होनी है।

भाजपा ने साधा गहलोत सरकार पर निशाना
वेद प्रकाश सोलंकी के फोन टैपिंग के आरोप लगाने के बाद सियासी विवाद शुरू हो गया है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। पूनिया ने ट्वीट किया, आज फिर से कांग्रेस के एक विधायक कह रहे हैं कि कई विधायक कहते हैं कि उनके फोन टेप हो रहे हैं, जासूसी हो रही है। कांग्रेस बताए कि ये विधायक कौन हैं? “सो जा बेटा गब्बर आ जाएगा” की तर्ज पर कांग्रेस अपने ही विधायकों को डरा रही है। कांग्रेस बताए गब्बर कब आएगा?

बता दें कि सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सियासी टकराहट को लेकर एक साल बाद प्रदेश की राजनीति फिर गरमा गई है। सियासी संकट के बीच पायलट इन दिनों दिल्ली में हैं, जिसको लेकर कयासबाजी जारी है। हालांकि, राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शनिवार को कहा था कि सचिन पायलट न तो पार्टी से नाराज हैं और न ही सरकार से। उन्होंने सचिन की नाराजगी को लेकर कहा कि वे कांग्रेस के साथ हैं और राजस्थान में सरकार को किसी तरह का कोई खतरा नहीं है।

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