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निकाय चुनाव के बाद राजस्थान कांग्रेस में घमासान: जयपुर से भरतपुर-डीग और भीलवाड़ा तक उठे बगावत के सुर

Thu, 01 Oct 2026 12:51 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Thu, 01 Oct 2026 12:51 PM IST
सार

जयपुर से भरतपुर और भीलवाड़ा तक निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस में घमासान तेज है। कहीं इस्तीफे की मांग उठी तो कहीं नेताओं ने एक-दूसरे पर सवाल उठाए।

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Congress infighting intensifies after civic poll setback in Rajasthan
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय जयपुर - फोटो : एएनटीएफ

विस्तार

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राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। जयपुर में शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा के इस्तीफे की मांग को लेकर असंतुष्ट कार्यकर्ता सामने आए हैं, तो भरतपुर में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने पार्टी के जिला नेतृत्व और प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर सवाल उठाए हैं। अब विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ कांग्रेस के ही पदाधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है।

जयपुर में सुनील शर्मा के इस्तीफे की मांग

जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में भाजपा ने 78 और कांग्रेस ने 57 सीटें जीतीं। नतीजे आने के बाद कांग्रेस के असंतुष्ट कार्यकर्ताओं ने शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। करीब 250 कार्यकर्ताओं ने बैठक कर उनके इस्तीफे की मांग उठाई।

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कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण, चुनाव प्रबंधन और संगठन की रणनीति पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि कई पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई। इस मुद्दे को लेकर असंतुष्ट खेमा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक अपनी बात पहुंचाने की तैयारी में है। 
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वहीं, सुनील शर्मा की ओर से चुनाव में कांग्रेस को मिले वोटों को उपलब्धि के तौर पर बताया गया। इसके बाद पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के समर्थकों ने सोशल मीडिया पर अलग आंकड़े पेश कर उनके दावे पर सवाल उठाए। इस तरह जयपुर में कांग्रेस के भीतर दो खेमों के बीच बयानबाजी तेज हो गई।

यह भी पढें- राजस्थान: बयाना में सूखे कुएं से पांच करोड़ की दवाइयां बरामद, 274 कार्टून जब्त; आगरा में भी एफआईआर

भरतपुर में विश्वेंद्र सिंह ने उठाए सवाल

इसके बाद भरतपुर और डीग में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कांग्रेस के स्थानीय संगठन पर सवाल उठाए। उन्होंने भरतपुर जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा और डीग जिलाध्यक्ष राजीव सिंह को निकाय चुनाव में पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार बताया।

विश्वेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि टिकट वितरण के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई और जिलाध्यक्षों के करीबी लोगों को टिकट दिए गए। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी दोनों जिलाध्यक्षों का समर्थन करने का आरोप लगाया और उन्हें हटाने की मांग की।  विश्वेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि वह कांग्रेस नहीं छोड़ेंगे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं तक संगठन की स्थिति पहुंचाना उनका दायित्व है।

अब विश्वेंद्र सिंह के खिलाफ पार्टी नेताओं का मोर्चा

विश्वेंद्र सिंह के बयान के बाद भरतपुर कांग्रेस में उनके खिलाफ भी विरोध शुरू हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों और स्थानीय नेताओं ने उनके आरोपों पर सवाल उठाते हुए संगठन के जिला नेतृत्व के समर्थन में अपनी बात रखी है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर भरतपुर नगर निगम चुनाव का एक पुराना वीडियो फिर वायरल हो रहा है। वीडियो नगर निगम मेयर चुनाव के दौरान कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह के नामांकन वापस लेने से जुड़ा है।

नामांकन वापसी और वायरल वीडियो

भरतपुर में मेयर पद के लिए कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इसके बाद भाजपा की अनुराधा सिंह का निर्विरोध चुना जाना तय हुआ। नामांकन वापसी के दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम भी नगर निगम पहुंचे थे। 
अब वायरल हो रहे वीडियो में विचित्रा सिंह के पति शिव सिंह भोंट की ओर से यह दावा किए जाने की बात कही जा रही है कि उन्होंने विश्वेंद्र सिंह और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के कहने पर नामांकन वापस लिया।
हालांकि इस वीडियो में किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। नामांकन वापसी के समय बेढम की मौजूदगी और विचित्रा सिंह के पति शिव सिंह भोंट से उनकी बातचीत की जानकारी सामने आई थी। बेढम ने कहा था कि विकास के मुद्दे पर बातचीत के बाद नामांकन वापस लेने का फैसला हुआ।

भीलवाड़ा में भी डोटासरा के खिलाफ प्रदर्शन

इसी दौरान भीलवाड़ा में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य मनोज पालीवाल ने डोटासरा के इस्तीफे की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कार्यालय में धरना दिया। उन्होंने निकाय चुनाव में 17 कांग्रेस प्रत्याशियों को पार्टी सिंबल नहीं मिलने के मामले को लेकर प्रदेश नेतृत्व पर सवाल उठाए। पालीवाल ने विरोध के दौरान हवन-यज्ञ भी किया और इस मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
इस तरह निकाय चुनाव के नतीजों के बाद जयपुर, भरतपुर-डीग और भीलवाड़ा में कांग्रेस के भीतर विरोध के अलग-अलग मामले सामने आ चुके हैं। जयपुर में शहर अध्यक्ष के खिलाफ कार्यकर्ता लामबंद हैं, भरतपुर में विश्वेंद्र सिंह और पार्टी के स्थानीय-प्रदेश नेताओं के बीच बयानबाजी तेज है, जबकि भीलवाड़ा में प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग उठ रही है।

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