Congress: गहलोत-पायलट गुट आमने-सामने, गावड़िया बोले- चापलूसी कर नेता बने राठौड़, मंत्री जोशी ने दिए यह संकेत
कांग्रेस आलाकमान की चेतावनी के बाद भी अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट के विधायक एक दूसरे के खिलाफ खुलकर बोल रहे हैं। अब पायलट गुट के विधायक रामनिवास गावड़िया ने गहलोत गुट के राजस्थान पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ पर हमला बोला है।
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राजस्थान कांग्रेस में करीब महीने पहले शुरू हुआ सियासी संकट शांत हो गया है, लेकिन उसमें से रह-रहकर चिंगारी उठ रही है। अशोक गहलोत और पायलट गुट के विधायक एक दूसरे के खिलाफ अब भी बयान दे रहे हैं। उस समय पायलट के खिल बगावत करने वाले तीन मुख्य नेताओं में मंत्री महेश जोशी भी शामिल थे। यह पार्टी में मुख्य सचेतक के पद पर भी हैं।
सोमवार को महेश जोशी ने सोमवार को जयपुर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि मुझे कभी किसी पद की लालसा नहीं रही। पार्टी जब चाहे मुझसे एक या फिर दोनों पद वापस ले ले। यह कब करना है इस फैसला पार्टी को ही करना है। उन्होंने कहा- मुख्य सचेतक के पद पर रहने का कोई अतिरिक्त लाभ नहीं मिलता है। मुझे दोहरी जिम्मेदारी ही उठानी होती है।
मंत्री महेश जोशी ने कहा- मुख्य सचेतक होने के कारण विधानसभा का सत्र के दौरान मुझे दोहरी जिम्मेदारी उठानी पड़ती है। फ्लोर मैनेजमेंट के कारण बाहर भी नहीं जा सकते हैं। मैं खुद चाहता हूं कि पार्टी जिसे उचित समझे उसे यह पद दे दे। इससे एक और कांग्रेस कार्यकर्ता को स्थान मिलेगा। जिसका पार्टी को फायदा मिलेगा।
पायलट और गहलोत समर्थक आमने-सामने
सचिन पायलट गुट के विधायक रामनिवास गावड़िया ने रविवार को गहलोत गुट के राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ पर हमला बोला था। दरअसल, गावड़िया ने आरोप लगा थे कि राठौड़ के बिना सूचना दिए उनके क्षेत्र का दौरा करने आ गए। उन्होंने राठौड़ पर भाजपा से मिलीभगत और दलाली करने के आरोप लगाए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार विधायक गावड़िया ने कहा था कि धर्मेंद्र राठौड़ चापलूसी करके नेता बने हैं, यह कोई जन नेता नहीं हैं।
'जूते-चप्पल उठाकर सेवा चाकरी करने पर उन्हें आरटीडीसी अध्यक्ष बना दिया गया। अगर ये किसी विधायक के क्षेत्र में जाकर पार्टी का नुकसान करेंगे तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धर्मेंद्र राठौड़ के परबतसर आने की हमें कोई सूचना नहीं थी। कार्यक्रमों में शामिल होने गए तो लोगों ने हमें सूचना दी थी। यहां आने पर भाजपा के कार्यकर्ता उनकी अगुवाई करते हैं और उनके साथ घूमते हैं। हम लोग कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं और पार्टी के लिए काम करते हैं। इस तरह किसी को पार्टी को नुकसान नहीं पहुंचाने देंगे।
कल विधायक रामनिवास गावड़िया के हमले के बाद सोमवार को आरटीडीसी के अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ ने उन पर पलटवार किया। उन्होंने कह कि जुलाई 2020 में कांग्रेस के जो विधायक दिल्ली गए थे, वह दिल्ली में भाजपा सरकार की गोदी में बैठ गए। इन्होंने पैसे लेकर राजस्थान की गहलोत सरकार को गिराने की कोशिश की थी। बता दें कि धर्मेंद्र राठौड़ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भरोसेमंद नेताओं में से एक हैं। 25 सितंबर को मंत्री शांति धारीवाल के निवास पर विधायक दल की बैठक से पहले कांग्रेस विधायकों एकत्रित करने में धर्मेंद्र राठौड़ की बड़ी भूमिका रही थी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने दी चेतावनी
इधर, नेताओं की बयानबाजी के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दोनों को चेतावनी दी है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए डोटासरा ने कहा कि सभी को मर्यादा में रहकर काम करना चाहिए। किसी को भी पार्टी को कमजोर करने का अधिकार नहीं है। जो लोग बयान दे रहे हैं, उन पर पार्टी आलाकमान की नजर है। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने इसे लेकर गाइडलाइन भी जारी की थी।
कब हुआ था विवाद?
गौरतलब है कि 25 सितंबर को कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा करने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में शामिल होने की जगह विधायक मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के आवास पर जुट गए थे। जहां गहलोत गुट के मंत्री और विधायकों ने सचिन पायलट के सीएम बनाए जाने का विरोध किया था। बाद में विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के आवास पर पहुंचकर इस्तीफा दे दिया था।