फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Companies are cutting state tree Khejdi and multi-use trees for solar plant in Jaisalmer

Jaisalmer: विकास के नाम पर विनाश, बड़ी संख्या में काटे जा रहे हरे-भरे पेड़, पर्यावरण प्रेमी नाराज, क्या है वजह

Mon, 29 May 2023 11:03 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जैसलमेर Published by: अर्पित याज्ञनिक Updated Mon, 29 May 2023 11:03 AM IST
सार

सूरज की रोशनी को ऊर्जा में बदलने के लिए कई निजी सोलर कंपनियां अंधाधुंध वृक्षों की कटाई कर रहीं हैं। वृक्षों की कटाई से पार्यावरण को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इसके चलते मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।

विज्ञापन
Companies are cutting state tree Khejdi and multi-use trees for solar plant in Jaisalmer
काटे गए पेड़। - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

सोलर कंपनियां बड़ी संख्या में हरे भरे पेड़ काट रही हैं, जिसको लेकर क्षेत्र के लोगों में खासी नाराजगी है। जैसलमेर में निजी कंपनियां अपने निजी स्वार्थ और विकास के नाम पर नियमों के विरुद्ध राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित कई बहुपयोगी वृक्षों की अंधाधुंध कटाई कर रही हैं, जिससे आने वाले समय में पर्यावरण का खतरा मंडरा सकता है। वृक्षों की कटाई से पर्यावरण प्रेमियों में भारी रोष है और उन्होंने प्रशासन पर भी कंपनियों से मिलीभगत के आरोप लगाए हैं।

विज्ञापन


थार के रेगिस्तान का नाम सुनते ही रेत के टीलों और धोरों की तस्वीर आंखों के आगे तैरने लगती है। जहां बढ़ती गर्मी और रेतीले टीले इस भीषण गर्मी में पूरे मरू प्रदेश को जलता लावा बना देते हैं। वहीं, यहां लगे पेड़-पौधे ही इस धरती के लिए राहत का काम करते हैं। इन दिनों निजी कंपनियां यहां के भौगोलिक परिवेश को राहत देने वाले पेड़ पौधों पर ही कहर बरपा रही हैं। सरहदी जिले जैसलमेर के रेगिस्तान में सूरज की रोशनी को ऊर्जा में बदलने के लिए कई निजी कंपनियों के प्लांट यहां लग चुके हैं और अभी भी लगातार लगाए जा रहे हैं।
विज्ञापन


राज्य सरकार की से निजी कंपनियों को हजारों बीघा जमीन भी यहां मुहैया करवाई गई हैं। जहां इनके सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। एक और इन कंपनियों के विकास के गुणगान किए जा रहे हैं। वहीं ये कंपनियां बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान भी पहुंचा रही हैं। इसके चलते मौसम में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खेजड़ी सहित कई दुर्लभ पेड़ों की हो रही है अंधाधुंध कटाई
निजी कंपनियां राज्य वृक्ष खेजड़ी सहित अन्य कई दुर्लभ वृक्षों की अंधाधुंध कटाई कर रही हैं। जिसको लेकर पर्यावरण प्रेमियों में काफी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों की ओर से कई बार धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपकर जिला प्रशासन को चेताया भी जा रहा है, लेकिन जिले के बड़े अधिकारियों के कानों पर जूं तक रेंगती नजर नहीं आ रही है।

पर्यावरण प्रेमियों में रोष व्याप्त
ताजा मामला जैसलमेर के फतेहगढ़ इलाके में लग रहे सोलर प्लांट का है। यहां के वन्य जीव प्रेमी नाराज हैं। दरअसल सोलर कंपनियां बड़ी संख्या में हरे भरे पेड़ काट रही हैं, जिसको लेकर क्षेत्र के लोगों में ख़ासी नाराजगी है। वन्य जीव प्रेमी खेजड़ी और अन्य हरे पेड़ काटे जाने का विरोध कर रहे हैं, लेकिन ना तो कंपनियां और ना ही जिला प्रशासन इनकी ओर कोई तवज्जो दे रहा है। ग्रामीणों के विरोध करने पर रात को गड्ढों में जेसीबी से पेड़ों को गाड़ा जा रहा है, ताकि सबूत नहीं मिलें। इस तरह इलाके से हरियाली तो गायब हुई ही है। साथ ही पशु पक्षियों के लिए आश्रय की जगह भी नहीं बची है।


आईओटी कंपनी ने बड़ी संख्या में की कटाई
आईओटी कंपनी ने नींबा गांव में अपनी जमीन पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कर दी है, जबकि नियमों के लिहाज से 11 से ज्यादा पेड़ों की कटाई नहीं की जा सकती और उसमे भी सरकार को रुपये जमा करवाने पड़ते हैं, जबकि कंपनी ने सैकड़ों की संख्या में पेड़ों को काटा है, जिनमें केर, खेजड़ी, जाल के पेड़ मुख्य हैं और ये सिलसिला अभी भी जारी है। न तो कंपनी के अधिकारी और न ही जिला प्रशासन कोई जवाब दे रहा है। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि अगर इसी तरह हरे भरे पेड़ कंपनियां काटती रहीं, तो मजबूर होकर उन्हें आंदोलन करना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed