फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   CM Gehlot minister Pratap Singh Khachariawas says sell beer to rescue RTDC from losses

Rajasthan: RTDC को घाटे से उबारने के लिए बीयर बेचो, गहलोत के मंत्री बोले- पीने पिलाने के लिए ही था इसका नाम

Tue, 14 Feb 2023 08:46 PM IST
उदित दीक्षित न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Tue, 14 Feb 2023 08:46 PM IST
सार

कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मंगलवार को विवादित बयान देते हुए बीयर की बिक्री से राजस्थान टूरिज़्म डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरटीडीसी) होटलों को घाटे से उबारने का मंत्र दे दिया। साथ ही कहा पहले आरटीडीसी का नाम पीने और पिलाने के लिए ही था।

विज्ञापन
CM Gehlot minister Pratap Singh Khachariawas says sell beer to rescue RTDC from losses
कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खचारियावास। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खचारियावास ने घाटे में चल रही आरटीडीसी के लिए कहा कि बीयर पिलाओ तो घाटे से उबर जाओगे। आरटीडीसी का नाम पहले पीने और पिलाने के लिए ही मशहूर था। आरडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ के 1 साल का कार्यकाल पूरा होने पर गणगौर होटल के अंदर लोन में हुए कार्यक्रम के मंच से खाचरियावास ने यह बात बोली। तो आरटीडीसी कर्मचारी भी मंत्री के शराब प्रोत्साहन के बोल सुनकर आश्चर्य में पड़ गए।

विज्ञापन


आरटीडीसी का नाम पहले तो पीने और पिलाने के लिए ही था 
मंत्री खाचरियावास ने नसीहत देते हुए कहा-शादी ब्याह के लिए गणगौर होटल को देना चालू करो, लोग इसे बुक कर लेंगे। मुझे याद है मेरी सिस्टर की बारात भी इसी होटल में रुकी थी। उस वक्त मैं स्कूल में था, लेकिन तब गणगौर का बढ़िया नाम था। उस वक्त भैरोंसिंह शेखवात चीफ मिनिस्टर थे। वह मेरे बड़े फादर थे। उन्होंने मेरे पिताजी से कहा कि बारात को गणगौर होटल में ठहरा देते हैं।
विज्ञापन


गणगौर में तब सारी व्यवस्थाएं थीं। अभी भी यहां बार तो चलता ही होगा, आपके पास बार तो है ही, बार के बिना होटल चलता नहीं है, पीने वाले ही आते हैं ज्यादातर, तो कौन आएगा ? आरटीडीसी का नाम पहले तो पीने और पिलाने के लिए ही था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले तो बीयर आप ही बेच रहे थे, अब बीयर सरकार से वापस ले लो, तो आपका काम वैसे ही चल जाएगा। मेरी गारंटी है कि आपके पास पैसे की गिनती नहीं होगी, इतना पैसा आएगा अगर आपको पूरी बीयर मिल जाए। अगर बीयर सिर्फ आरटीडीसी बेचेगी, तो आरटीडीसी के पास बीयर की दुकानें आ जाएंगी। लेकिन होटल के दाम भी फलक्चुएट करो, तो आरटीडीसी चलेगी।

मैं यूनिवर्सिटी में था तब गौरी में आता था
खाचरियावास यहीं नहीं रुके उन्होने कहा-मैं जब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट था, तब RTDC के  रेस्टो बार गौरी में आता था। सीजन के हिसाब से होटल की रेट में भी परिवर्तन करेंगे, तो होटल सरपट दौड़ेगा। आरटीडीसी के गणगौर होटल का पहले इतना नाम था कि लोग मेहमानों को ठहराने के लिए तरसते थे। समय के साथ आरटीडीसी ने बदलाव नहीं किया। 


आज प्राइवेट बड़े होटल वाले 10 -11 हजार रुपये का रूम ऑफ सीजन में 3000 रुपए में दे देते हैं, लेकिन आरटीडीसी का 3000 रुपए का रूम है, तो ऑफ सीजन में भी रेट नहीं हटाई जाती। उसी रेट पर रूम रेंट बना रहता है, इसलिए कस्टमर और टूरिस्ट दूसरे होटलों में चला जाता है। आप सारे रूम को खाली पड़ा रहने देते हो, बिजली खर्च होती रहती है, कर्मचारी खाली बैठे रहते हैं। इस हालात को सुधारना पड़ेगा। सीजन और मार्केट के हिसाब से चलना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed