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Churu: जम्मू कश्मीर में गोली लगने से शहीद हुए जवान भंवरलाल सारण, सैन्य सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
Wed, 11 Jun 2025 08:27 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चुरू
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 11 Jun 2025 08:27 PM IST
सार
Churu: ग्रामीणों ने बताया कि बताया की भंवरलाल की मां सुखी देवी की मृत्यु करीब 8 साल पहले बीमारी के कारण हो गई थी। सन 2014 में भंवरलाल की शादी सरदारशहर के मालसर गांव की तारामणि हुई थी। उनकी एक 5 वर्षीय बेटी रितिका है।
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शहीद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में रविवार ओर सोमवार की मध्य रात डेढ़ बजे सिर में गोली लगने से सरदारशहर के लुणासर गांव के आर्मी के जवान 32 वर्षीय भंवरलाल सारण शहीद हो गए। मंगलवार रात्रि को शहीद भंवरलाल सारण के पार्थिव शरीर को सरदारशहर लाया गया। बुधवार सुबह शहर के तिरंगा स्टेडियम से तिरंगा यात्रा के रूप में रवाना होकर पार्थिव शरीर शहीद के पैतृक गांव लूणासर गांव पहुंचा।
जहां पर बुधवार दोपहर 2 बजे सैन्य सम्मान के साथ शहीद भंवरलाल सारण की पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर जैसे ही भवरलाल सारण के घर पहुंच वैसे ही शहीद के घर में मौजूद 30 वर्षीय पत्नी तारामणि, पिता 70 वर्षीय उमाराम, 5 साल की बेटी रितिका और भाई मुकेश सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया, गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हुए रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि बताया की भंवरलाल की मां सुखी देवी की मृत्यु करीब 8 साल पहले बीमारी के कारण हो गई थी। सन 2014 में भंवरलाल की शादी सरदारशहर के मालसर गांव की तारामणि हुई थी। उनकी एक 5 वर्षीय बेटी रितिका है। जवान भंवरलाल तीन महीने पहले घर पर छुटि्टयां बीताकर वापस ड्यूटी पर गये थे। घटना से दो दिन पहले 6 जून को बेटी रितिका से फोन पर बात हुई थी।
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उन्होंने कहा था कि बेटी, खूब पढ़ाई करना...तुझे आर्मी में बड़ा अफसर बनना है। भंवरलाल सारण 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे नवीं बटालियन डी राजपूताना बटालियन में जम्मू कश्मीर के गुलमार्ग सेक्टर में तैनात थे। शहीद भंवरलाल सारण का गांव की शमशान भूमि में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद भंवरलाल सारण को सलामी दी।
इस अवसर पर सरदारशहर एसडीएम दिव्या चौधरी, भानिपरा थाना अधिकारी रायसिंह सुथार, पंचायत समिति प्रधान प्रतिनिधि मधुसूदन राजपुरोहित, सभापति राजकरण चौधरी आदि जनप्रतिनिधियों ने शहीद भंवरलाल सारण के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया। अंत में शाहिद भंवरलाल सारण की पुत्री 5 वर्षीय रितिक ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस अवसर पर मौके पर मौजूद करीब 5 हजार लोगों ने एक साथ शहीद भंवरलाल सारण अमर रहे के नारे लगाए।
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जहां पर बुधवार दोपहर 2 बजे सैन्य सम्मान के साथ शहीद भंवरलाल सारण की पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। पार्थिव शरीर जैसे ही भवरलाल सारण के घर पहुंच वैसे ही शहीद के घर में मौजूद 30 वर्षीय पत्नी तारामणि, पिता 70 वर्षीय उमाराम, 5 साल की बेटी रितिका और भाई मुकेश सहित परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया, गांव के लोग परिजनों को ढांढस बंधाने में लगे हुए रहे।
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ग्रामीणों ने बताया कि बताया की भंवरलाल की मां सुखी देवी की मृत्यु करीब 8 साल पहले बीमारी के कारण हो गई थी। सन 2014 में भंवरलाल की शादी सरदारशहर के मालसर गांव की तारामणि हुई थी। उनकी एक 5 वर्षीय बेटी रितिका है। जवान भंवरलाल तीन महीने पहले घर पर छुटि्टयां बीताकर वापस ड्यूटी पर गये थे। घटना से दो दिन पहले 6 जून को बेटी रितिका से फोन पर बात हुई थी।
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उन्होंने कहा था कि बेटी, खूब पढ़ाई करना...तुझे आर्मी में बड़ा अफसर बनना है। भंवरलाल सारण 2015 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे नवीं बटालियन डी राजपूताना बटालियन में जम्मू कश्मीर के गुलमार्ग सेक्टर में तैनात थे। शहीद भंवरलाल सारण का गांव की शमशान भूमि में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस अवसर पर सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर शहीद भंवरलाल सारण को सलामी दी।
इस अवसर पर सरदारशहर एसडीएम दिव्या चौधरी, भानिपरा थाना अधिकारी रायसिंह सुथार, पंचायत समिति प्रधान प्रतिनिधि मधुसूदन राजपुरोहित, सभापति राजकरण चौधरी आदि जनप्रतिनिधियों ने शहीद भंवरलाल सारण के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया। अंत में शाहिद भंवरलाल सारण की पुत्री 5 वर्षीय रितिक ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। इस अवसर पर मौके पर मौजूद करीब 5 हजार लोगों ने एक साथ शहीद भंवरलाल सारण अमर रहे के नारे लगाए।