Churu: सुजानगढ़ में रामदरबार की मूर्ति तोड़ने पर विवाद, भाजपा ने दी आंदोलन करने की चेतावनी
चूरू के सुजानगढ़ में राम दरबार की मूर्ति लगे प्रवेश द्वार के तोड़ने के मामले ने फिर तूल पकड़ लिया है। भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रवेश द्वार तोड़ने की निंदा की है।
विस्तार
सुजानगढ़ में रामदरबार की मूर्ति लगे प्रवेशद्वार को तोड़ने पर विवाद अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। गेट तोड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसके बाद भाजपा ने इसकी कड़ी निंदा की है। वहीं हिंदू संगठन भी इसका विरोध करते नजर आ रहे हैं।
इस मामले को लेकर चूरू भाजपा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहीं उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने मामले को विधानसभा में उठाने की बात कही थी। आज उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के आवास पर भारतीय जनता पार्टी ने सुजानगढ़ में सालासर प्रवेश द्वार पर खंडित किए गए राम दरबार के विरोध में प्रेस वार्ता की। इस अवसर पर पूर्व जिला प्रमुख हरलाल सहारण ने कहा कि प्रशासन के द्वारा हिंदू आस्था के प्रतीक इस रामदरबार को खंडित करने की कड़ी निंदा करते हैं। इस प्रकार के कृत्य के विरोध में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस प्रकार से हिंदू देवी-देवताओं को अपमानित करना भारतीय जनता पार्टी कभी सहन नहीं करेगी। इसके लिए भाजपा नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के नेतृत्व में सदन से सड़क तक आंदोलन करेगी। हिंदुओं की आस्था पर चोट मारने के विरोध में हिन्दू संगठन धरने पर बैठ गए और सरकार ओर संबंधित विभाग का विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या है मामला
बता दें कि सालासर रोड पर सुजानगढ़ के प्रवेश द्वार पर राम दरबार की मूर्ति लगे प्रवेश द्वार के तोड़ने पर 16 मार्च की शाम विवाद हो गया था। इस पर भाजपा और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सुजानगढ़ सालासर हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा। पौने आठ बजे जाम खोला गया। कार्यकर्ताओं ने मौके पर धरना देकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया था। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारों का करीब तीन किमी जाम लग गया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो पदाधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गए थे।
पीडब्ल्यूडी एईएन बाबूलाल वर्मा और जेईएन नंदलाल मुवालजाम की सूचना पर एसडीएम मूलचंद लूणिया, डीएसपी रामप्रताप विश्नोई सहित पुलिस जाब्ता पहुंचा और आक्रोशित लोगों को फिर से रामदरबार की मूर्ति लगाने का आश्वासन दिया था। एसडीएम ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि वे इस संबंध में प्रशासन से वार्ता करेंगे और मूर्तियां लगवाएंगे। लंबी बहस के दौरान एईएन ने हाथ जोड़कर माफी मांग ली थी। जिसके बाद मामला शांत हो गया था लेकिन अब मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ गया।