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Rajasthan: भाजपा सांसद मीणा बोले- सीएम गहलोत के निर्देश पर मेरे अधिकारों का हनन हुआ, इसका जवाब मिलेगा 

Fri, 13 May 2022 03:17 PM IST
उदित दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: उदित दीक्षित Updated Fri, 13 May 2022 03:17 PM IST
सार

भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, खुद को आदिवासियों की आवाज बताने वाले कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्री गहलोत को उस होटल में चिंतन शिविर नहीं करना चाहिए जिसकी जमीन को आदिवासियों से हथियाया गया हो।

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Chintan Shivir BJP MP Kirori Lal Meena targeted Rajasthan CM Ashok Gehlot
भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के निशाने पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने जयपुर में कहा कि गहलोत संविधान की दुहाई देते हैं, पर मेरे संविधानिक अधिकारों का हनन हुआ है। उनके निर्देश पर पुलिस ने मुझे उदयपुर से बलपूर्वक बाहर निकाल दिया। मुझ पर बल का प्रयोग किया गया। जल्द इसका जवाब मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि एक आदिवासी सभा में शामिल होने के लिए वह 16 मई सोमवार को उदयपुर जाएंगे। 

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बता दें कि गुरुवार को चिंतन शिविर से एक दिन पहले भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा उदयपुर पहुंच गए थे। इसकी जानकारी लगने पर पुलिस होटल पहुंची और उन्हें जबरन उठाकर अजमेर छोड़ दिया। सांसद मीणा पुष्कर जाने की बात कहते रहे, लेकिन पुलिस नहीं मानी। इस दौरान सांसद मीणा ने कहा था कि मेरे साथ यह सब सीएम गहलोत के निर्देश पर हो रहा है। 
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सांसद मीणा ने आरोप लगाया कि उदयपुर के अदिवासी क्षेत्रों में भूखमरी है। अदिवासी महिलाओं और बच्चियों का व्यापार हो रहा है। इस मामले को लेकर में अजय माकन जी से भी मिला था। उन्होंने मुझे आश्वासन भी दिया था कि कार्रवाई की जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 

जिस होटल में चिंतन शिविर, वह अवैध  
सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, ताज अरावली होटल राजीव आनंद का है। जिसके निर्माण में सरकार ने सभी नियम ताक पर रख दिए। 2012 में होटल को अनुमति मिली, लेकिन वहां जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। इसके बाद संभाग अयुक्त ने नदी में से रास्ता खोल दिया। नदी में कचरा डालकर उसे अवरूद्ध किया गया और फिर 50 फीट का रास्ता बनाया गया। 


यह नियम के खिलाफ है। उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि नियम के अनुसार नदी को किसी भी प्रकार से भूमि रूप नहीं बदला जा सकता है। ताज अरावली होट पूरी तरह से अवैध है। ऐसे में खुद को आदिवासियों की अवाज बताने वाले कांग्रेस नेताओं और मुख्यमंत्री गहलोत को उस होटल में चिंतन शिविर नहीं करना चाहिए जिसकी जमीन को आदिवासियों से हथियाया गया हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी यहां नहीं आना चाहिए था।  

जल्द सामने रखूंगा सबूत 
सांसद मीणा ने कहा कि मेरे पास होटल को लेकर कुछ अहम सबूत हैं। जिसके चलते मुझे पुलिस ने असंविधानिक तरीके से उदयपुर से बाहर निकाल दिया। जल्द ही मैं मीडिया के सामने सारे सबूत प्रस्तुत करूंगा। उन्होंने कहा, बीते गुरुवार को मैं उदयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कराना चाहता था, पर पुलिस ने रोका दिया। मैं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करता हूं, मुझसे क्या डर है? पुलिस ने मुझ पर बल का प्रयोग किया है, अब इसका जवाब भी मिलेगा।  

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