फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Case filed against MLA Harish Chaudhary in case of attack on Hanuman Beniwal

Rajasthan: हनुमान बेनीवाल पर बायतु में हुआ था हमला, तीन साल बाद विधायक हरीश चौधरी सहित 26 के खिलाफ केस दर्ज

Wed, 12 Oct 2022 09:38 AM IST
रोमा रागिनी न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर Published by: रोमा रागिनी Updated Wed, 12 Oct 2022 09:38 AM IST
सार

हनुमान बेनीवाल ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के निर्देश के बावजूद केस सात दिन की बजाय करीब 18 दिन में दर्ज किया गया है। यह संसद का अपमान है।

विज्ञापन
Case filed against MLA Harish Chaudhary in case of attack on Hanuman Beniwal
हरीश चौधरी और हनुमान बेनीवाल - फोटो : Social Media

विस्तार

तीन साल पहले केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कैलाश चौधरी और आरएलपी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल पर जानलेवा हमला किया गया था। इस मामले में अब लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के निर्देश पर बायतु पुलिस ने तत्कालीन राजस्व मंत्री हरीश चौधरी समेत कई अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है।

विज्ञापन


मीडिया रिपोर्टस के अनुसार 12 नवंबर 2019 को केंद्रीय राज्य मंत्री कैलाश चौधरी और नागौर सांसद बेनीवाल तेजाजी के धार्मिक उत्सव में भाग लेने बायतु जा रहे थे। इस दौरान 100 से अधिक लोगों ने कैलाश चौधरी और हनुमान बेनीवाल के काफिले पर हमला कर दिया था। बेनीवाल ने आरोप लगाया था कि जान से मारने की नीयत से हमलावरों ने फायर भी किया। जिससे उनके वाहनों के कांच टूट गए। सुरक्षाकर्मियों की तत्परता से दोनों नेताओं की जान बची।

विज्ञापन

बेनीवाल ने हमले का आरोप तत्कालीन मंत्री हरीश चौधरी पर लगाया। उन्होंने बताया कि हरीश चौधरी उनके राजनीतिक विरोधी है। यह कार्यक्रम हरीश चौधरी के क्षेत्र में होना था। जिसके चलते बौखलाहट में उन्होंने सुनियोजित तरीके से अपने भाई और अन्य से पुलिस की मौजूदगी में हमला करवा दिया। इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते बेनीवाल ने लोकसभा की विशेषाधिकार समिति में इस मामले को पेश किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


समिति में करीब तीन साल तक सुनवाई चली। जिसके बाद गत 23 सितंबर को राजस्थान की मुख्य सचिव ऊषा शर्मा को आदेश दिया कि सात दिन में बेनीवाल की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज की जाएग। इसके साथ ही इसकी सूचना समिति को भेजी जाए। हनुमान बेनीवाल का आरोप है कि निर्देश के बावजूद सात दिन की बजाय करीब 18 दिन में मुकदमा दर्ज कर संसद का अपमान किया गया है।


सासंद हनुमान बेनीवाल का कहना है कि हमपर जानलेवा हमला हुआ। गाड़ियों पर फायरिंग की गई। फिर भी पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, आर्म्स एक्ट मुकदमे में नहीं लगाया है। इससे साफ पता चलता है कि पुलिस हरीश चौधरी और अन्य हमलावरों को बचाने का प्रयास कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed