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बाजार में जल्द मिलेगा ऊंटनी के दूध का पाउडर, कीमत होगी 6-12 हजार रुपये किलो, बीमारियों में है कारगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Updated Tue, 28 Aug 2018 09:31 AM IST
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फाइल फोटो
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ऊंटनी का दूध अब अन्य दूध की तरह जल्द ही पाउडर के रूप में उपलब्ध होगा। लेकिन इसकी कीमत ज्यादा चुकानी होगी। हालांकि कीमत अभी तय नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि इसकी कीमत 6 से 12 हजार रुपये तक चुकानी पड़ सकती है। बता दें कि राजस्थान के सिरोही में कुछ लोगों ने एक कोऑपरेटिव सोसाइटी का गठन किया है। इस सोसाइटी को राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र प्रोत्साहित कर रहा है। यह सोसाइटी जल्दी ही बाजार में ऊंटनी का दूध उपलब्ध कराएगी। यही नहीं तकनकी ज्ञान उपलब्ध कराने से लेकर दूध को लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखा जाए इस तरीके को भी बताया जाएगा।
मालूम हो कि अभी गुजरात की कुछ कंपनियां ऊंटनी के दूध का पाउडर बनाकर बेच रही हैं। लेकिन कोऑपरेटिव स्तर पर ये देश का पहला प्रयास है। इससे दूध उत्पादकों की दिक्कतें भी कम होंगी। राजस्थान में अभी कोई ऐसा संयंत्र नहीं है। इसके लिए पाउडर बनाने के लिए पहले सिरोही की सोसायटी दूध इक्ठ्ठा करेगी। इसके बाद उसे गुजरात की एक कंपनी के पास पाउडर बनाने के लिए भेजा जाएगा।
बता दें कि देश में करीब दो लाख ऊंटनी हैं, ऊंटों को मिलाकर यह संख्या करीब चार लाख हो जाती है। लेकिन दूध सिर्फ 20 प्रतिशत ही इक्ट्ठा हो रहा है। ऊंटनी एक दिन में करीब 8 लीटर दूध देती है। हालांकि ऊंट पालने वाले लोग इसका दूध बेचने या रोजमर्रा में उपयोग नहीं करते हैं। एनआरसी के मुताबिक लोग ऊंटनी को भी गाय और भैंसों की तरह पालें। एक किलो पाउडर में करीब 10 से 12 किलो दूध बनेगा।
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ऊंटनी का दूध बेहद फायदेमंद होता है। कई बीमारियों में भी यह रामबाण का काम करता है। डायबिटीज और दिमागी रूप से कमजोर बच्चों के लिए यह बेहद फायदेमंद है। इसके 1 लीटर दूध में 52 यूनिट इंसुलिन पाया जाता है। ऊंटनी का दूध पीने वालों की सेहत ज्यादा अच्छी होती है।
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मालूम हो कि अभी गुजरात की कुछ कंपनियां ऊंटनी के दूध का पाउडर बनाकर बेच रही हैं। लेकिन कोऑपरेटिव स्तर पर ये देश का पहला प्रयास है। इससे दूध उत्पादकों की दिक्कतें भी कम होंगी। राजस्थान में अभी कोई ऐसा संयंत्र नहीं है। इसके लिए पाउडर बनाने के लिए पहले सिरोही की सोसायटी दूध इक्ठ्ठा करेगी। इसके बाद उसे गुजरात की एक कंपनी के पास पाउडर बनाने के लिए भेजा जाएगा।
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बता दें कि देश में करीब दो लाख ऊंटनी हैं, ऊंटों को मिलाकर यह संख्या करीब चार लाख हो जाती है। लेकिन दूध सिर्फ 20 प्रतिशत ही इक्ट्ठा हो रहा है। ऊंटनी एक दिन में करीब 8 लीटर दूध देती है। हालांकि ऊंट पालने वाले लोग इसका दूध बेचने या रोजमर्रा में उपयोग नहीं करते हैं। एनआरसी के मुताबिक लोग ऊंटनी को भी गाय और भैंसों की तरह पालें। एक किलो पाउडर में करीब 10 से 12 किलो दूध बनेगा।
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ऊंटनी का दूध बेहद फायदेमंद होता है। कई बीमारियों में भी यह रामबाण का काम करता है। डायबिटीज और दिमागी रूप से कमजोर बच्चों के लिए यह बेहद फायदेमंद है। इसके 1 लीटर दूध में 52 यूनिट इंसुलिन पाया जाता है। ऊंटनी का दूध पीने वालों की सेहत ज्यादा अच्छी होती है।