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बूंदी: यूरिया खाद की किल्लत पर किसानों का फूटा आक्रोश, मेगा हाईवे पर लगाया चक्काजाम
Mon, 28 Sep 2026 08:27 PM IST
बूँदी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: बूँदी ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2026 08:27 PM IST
सार
बूंदी के लाखेरी में यूरिया खाद की किल्लत से नाराज सैकड़ों किसानों ने कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर चक्काजाम किया। किसानों ने पर्याप्त खाद और पारदर्शी वितरण की मांग रखी। प्रशासन ने अगली रैक में खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन देकर जाम हटवाया।
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यूरिया खाद की किल्लत पर किसानों का फूटा आक्रोश, मेगा हाईवे पर लगाया जाम.. समय पर खाद नहीं मिलने
विस्तार
बूंदी जिले के लाखेरी क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत को लेकर सोमवार को किसानों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। खाद की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों ने कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। किसानों के सड़क पर बैठने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित रहा।
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प्रदर्शन कर रहे किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। किसानों का कहना था कि फसलों की बुवाई का समय महत्वपूर्ण है, लेकिन समय पर यूरिया खाद उपलब्ध नहीं होने से परेशानी हो रही है। किसानों ने चिंता जताई कि समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई प्रभावित होने के साथ फसलों के उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।
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खाद के लिए किसानों को लगाने पड़ रहे चक्कर
किसानों ने बताया कि जरूरत के मुताबिक पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। खाद लेने के लिए उन्हें बार-बार वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसानों ने प्रशासन से क्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाने की मांग की। किसानों का कहना था कि खेती एक समयबद्ध प्रक्रिया है। बुवाई के दौरान आवश्यक खाद नहीं मिलने पर फसल प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है। ऐसे में प्रशासन को खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ वितरण व्यवस्था में भी सुधार करना चाहिए।
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भाजपा पार्षद भी किसानों के साथ धरने पर बैठे
खाद की समस्या को लेकर किए गए प्रदर्शन में भाजपा पार्षद नरेंद्र सिंह हाड़ा भी किसानों के साथ धरने पर बैठे। किसानों ने प्रशासन के सामने पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, सुचारू वितरण और वितरण प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग रखी।
पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा
हाईवे पर जाम की सूचना मिलते ही लाखेरी थाना प्रभारी हरिनारायण शर्मा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार जगदीश शर्मा भी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत की। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और जाम हटाने के लिए समझाइश की। हालांकि किसान तत्काल खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक किसानों और प्रशासन के बीच बातचीत का दौर चला।
टोकन पर किसान का नाम लिखने की मांग
किसानों ने खाद वितरण के दौरान दिए जाने वाले टोकन पर किसान का नाम लिखने की मांग रखी। किसानों का कहना था कि टोकन पर नाम दर्ज होने से वितरण व्यवस्था अधिक स्पष्ट रहेगी और किसानों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन की ओर से दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की मांग भी रखी।
1200 कट्टों की रैक आई, 600 किसानों को मिला खाद
लाखेरी नायब तहसीलदार जगदीश शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले 1200 कट्टों की एक रैक आई थी। इसमें प्रति किसान दो कट्टों के हिसाब से करीब 600 किसानों को यूरिया खाद का वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि करीब 150 किसान अभी खाद लेने से रह गए हैं। इन किसानों को अगली रैक आने पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से किसानों को यह जानकारी मौके पर दी गई। अगली रैक में खाद उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद किसान जाम हटाने पर सहमत हुए। नायब तहसीलदार ने बताया कि किसानों की ओर से टोकन पर नाम लिखने की मांग भी सामने आई है। इस संबंध में व्यवस्था के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
चक्काजाम से हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें
किसानों के चक्काजाम के कारण कोटा-लालसोट मेगा हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जाम के कारण वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस और प्रशासन की समझाइश तथा अगली रैक में खाद उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद हाईवे पर यातायात व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हुई।