{"_id":"63da51573dcc0c474d28ff07","slug":"budget-2023-minister-bd-kalla-attacked-modi-government-on-inflation-and-unemployment-2023-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajasthan: मंत्री बीडी कल्ला बोले- आसमान छूती महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी में घी डालने वाला बजट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajasthan: मंत्री बीडी कल्ला बोले- आसमान छूती महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी में घी डालने वाला बजट
Wed, 01 Feb 2023 05:32 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: उदित दीक्षित
Updated Wed, 01 Feb 2023 05:32 PM IST
सार
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार में आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन इस सरकार के 9 साल के कार्यकाल में देश की युवा शक्ति को रोजगार के मामले में लगातार ठगा जा रहा है।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने किया।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान सरकार में शिक्षा मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने केंद्रीय बजट को आसमान छूती महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी की आग में घी डालने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश की जर्जर होती अर्थव्यवस्था से आमजन का ध्यान भटकाने, आंकड़ों को छिपाने, उनमें घालमेल करने और सही तथ्यों पर पर्दा डालने के खेल में माहिर है। इस बजट में भी नए जुमलों के माध्यम से जनता को भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास किया गया है।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार में आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं से प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन इस सरकार के 9 साल के कार्यकाल में देश की युवा शक्ति को रोजगार के मामले में लगातार ठगा जा रहा है। इस बार के बजट में भी बेरोजगारी और महंगाई जैसे ज्वलंत मुद्दों पर कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं, यह देश के युवाओं और आमजन की उम्मीदों पर कुठाराघात है।
विज्ञापन
डॉ. कल्ला ने बताया कि बजट में सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, शहरी और समावेशी विकास को लेकर जो प्रावधान किए गए हैं, वे ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। इस बजट से राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी होगी तथा विकास की दर अवरुद्ध होगी। आर्थिक सर्वेक्षण में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित जीडीपी दर का गत तीन साल में न्यूनतम होना इस बात का स्पष्ट संकेत है।
विज्ञापन