क्या अब भाजपा विधायक और पत्नी भी जाएंगे जेल?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री की फर्जी डिग्री विवाद के बाद जहां उनका मंत्री पद गया वहीं उन पर जेल जाने की तलवार भी लटक रही है। लेकिन राजस्थान के भाजपा एमएलए की पत्नी पर भी ऐसे आरोप लगने के बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या उनके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई होगी।
विधायक की पत्नी गांव की सरपंच हैं जिन्होंने फर्जी डिग्री दर्शाकर हाल में चुनाव लड़ा था। मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार राजस्थान के सलूंबर के विधायक अमृतलाल मीणा की पत्नी शांता देवी पर यह आरोप लगे हैं, जिन्होंने हालिया पंचायत चुनावों में सलूंबर ब्लाक के सेमरी गांव की सरपंच का चुनाव लड़ा था।
इस दौरान उन्होंने अजमेर के नसीराबाद के एक स्कूल की पांचवी पास की मार्कशीट दाखिल की थी। उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों में बताया गया है कि साल 1998 में जब उनकी उम्र 35 साल थी और वो तीन बच्चों की माता थी तब उन्हें पांचवी पास दर्शाया गया है जबकि वो कभी स्कूल नहीं गईं।
कोर्ट के आदेश पर पति पत्नी पर मुकदमा दर्ज
यह आरोप चुनाव में उनके विरोधी रहे उम्मीदवार ने लगाए हैं। बता दें कि राजस्थान में पंचायत चुनावों में सरपंच पद के लिए जरल और ओबीसी उम्मीदवारों के लिए आठवीं और एससी-एसटी उम्मीदवारों के लिए पांचवी पास की योग्यता आवश्यक कर दी गई थी।
मामले में सलूंबर की एक अदालतमें भी शिकायत दर्ज की गई थी, जिसके बाद पति-पत्नी के खिलाफ 420, 406, 467, 468, 471 और 120बी के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था।
शिकायत के अनुसार शांता देवी ने नसीराबाद के भवानी खेड़ा के सेंट मार्टिन सेकेंडरी स्कूल से पांचवी पास की फर्जी मार्कशीट बनवाई है। मार्कशीट में विधायक अमृतलाल मीणा के भी संरक्षक के तौर पर हस्ताक्षर हैं।
गिरफ्तारी से बच रही पुलिस
चुनाव में उनकी विरोधी उम्मीदवार रही सुगना देवी के अनुसार शांता देवी ने 1998 में अपनी जन्मतिथि 1964 बताई थी। जबकि उस दौरान उनका बड़े लड़के की उम्र 15 साल और छोटे की 10 साल थी। आरोप लगाया कि ऐसे में बिना स्कूल जाए उन्होंने कक्षा पास कैसे कर ली।
मार्कशीट के अनुसार स्कूल रिकार्ड में उनका क्रमांक 202 दर्शाया गया है जबकि इस क्रमांक पर किसी दूसरे छात्र का नाम है। सुग्ना देवी के वकील राव रतन सिंह का भी आरोप है कि मार्कशीट पर स्कूल प्रधानाचार्य के भी फर्जी हस्ताक्षर हैं।
वहीं कांग्रेस के ब्लाक प्रमुख अजय गौर बताते हैं कि उन्होंने इस संबंध में एक आरटीआई फाइल की थी, जिसमें जानकारी मिली कि 1998 में सेंट मार्टिन स्कूल में शांता देवी नाम का कोई छात्र-छात्रा नहीं रहा है। वहीं सेमरी थाने के एसएचओ हजारीलाल ने बताया कि मामले में पुलिस जल्द ही विधायक और उनकी पत्नी से बात करेगी, इसके बाद शैक्षिक कागजातों के साथ स्कूल में जांच पड़ताल की जाएगी।