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Rajasthan: शेखावत बोले- पानी की कमी दूर करने के लिए काम कम, राजनीति ज्यादा कर रही गहलोत सरकार
Sat, 07 Jan 2023 09:42 PM IST
उदित दीक्षित
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, बूंदी
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 07 Jan 2023 09:42 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गहलोत सरकार पानी पर केवल राजनीति करती है। जल जीवन मिशन में मैंने व्यक्तिगत रुचि लेकर राजस्थान के लिए 27 हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कराया, जो कई राज्यों से ज्यादा था, लेकिन ये सरकार ने मात्र पांच हजार करोड़ रुपये खर्च पाई।
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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोगों की सुनी समस्याएं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गहलोत सरकार जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार जल जीवन मिशन हो या ईआरसीपी, पानी से जुड़े किसी भी मुद्दे पर काम कम और राजनीति ज्यादा कर रही है। राज्य सरकार ने ईआरसीपी पर एक भी कानूनी औपचारिकता पूरी नहीं की और इसे राजनीति की फुटबॉल बना रही है। इसी प्रकार जल जीवन मिशन में पूरे देश में सबसे कम काम कहीं हुआ है तो वह राजस्थान में ही हुआ है।
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केंद्रीय मंत्री शनिवार को टोंक की देवली उनियारा विधानसभा क्षेत्र और सवाईमाधोपुर क्षेत्र में जन आक्रोश सभाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिना कानूनी औपचारिकताएं पूरी किए बिना नगर पालिका किसी मकान का नक्शा पास नहीं कर सकती, वैसे ही बिना कानूनी औपचारिकता पूरी किए केंद्र सरकार चाहते हुए भी ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं दे सकती है।
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शेखावत ने कहा कि ईआरसीपी योजना वसुंधरा सरकार के समय पेश की गई थी, लेकिन गहलोत सरकार ने इसमें आगे कोई कार्रवाई नहीं की। इस सरकार ने ईआरसीपी के लिए डीपीआर में कमी छोड़ी, इसे पूरा नहीं किया। पर्यावरण की क्लीयरेंस नहीं ली। फॉरेस्ट की क्लीयरेंस नहीं है। मध्यप्रदेश और राजस्थान के बीच समझौता नहीं है। गहलोत सरकार इस योजना को राजनीति की फुटबॉल बनाकर 13 जिलों के लोगों को गुमराह कर रही है।
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रिवर लिंक परियोजना में ईआरसीपी को जुड़वाया
शेखावत ने कहा कि नदियों को जोड़ने का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था। मोदी सरकार इसे आगे बढ़ा रही है। इन 13 जिलों को नदी से जोड़ने के लिए मैंने रिवर लिंक परियोजना की पांच टॉप प्राथमिकता में शामिल करवाया है। यह परियोजना ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने से ज्यादा सस्ती है। इसमें 90% पैसा केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि पहले वाली परियोजना में 60-40 का अनुपात था। इसके बाजवूद गहलोत सरकार ईआरसीपी को राजनीति की फुटबॉल बनाकर लोगों को गुमराह कर रही है।
देशभर में पिछड़ी गहलोत सरकार
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गहलोत सरकार पानी पर केवल राजनीति करती है। जल जीवन मिशन में मैंने व्यक्तिगत रुचि लेकर राजस्थान के लिए 27 हजार करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कराया, जो कई राज्यों से ज्यादा था, लेकिन ये सरकार ने मात्र पांच हजार करोड़ रुपये खर्च पाई। घर-घर पानी पहंचाने के मामले में राजस्थान पूरे देश में नीचे से दूसरे नंबर पर है। गहलोत सरकार पानी पर इसलिए काम नहीं करना चाहती कि उसे डर है कि इसका श्रेय कहीं पीएम मोदी को न मिल जाए।
प्रदेश के सभी वर्गों में आक्रोश
शेखावत ने कहा कि प्रदेश में किसान, युवा महिला सहित सभी वर्गों में गहलोत सरकार के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश है। इस सरकार ने चार साल में हर वर्ग के साथ धोखा किया है। किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। खाद की कालाबाजारी हो रही है। बिजली के बिल माफ नहीं किए। किसानों को रात में बिजली दी जा रही है। युवकों को बेरोजगार भत्ता नहीं दिया। महिलाओं के प्रति अपराध बढ़ रहे हैं। इसलिए राजस्थान की जनता में भयंकर गुस्सा है। इस जनाक्रोश को ज्वालामुखी के रूप में संचित करके इस सरकार को उखाड़ फेंकना है।