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राजस्थानः कई दिग्गजों के कट सकते हैं टिकट
अमर उजाला, जयपुर
Updated Thu, 17 Oct 2013 08:53 PM IST
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राजस्थान में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं और दोनों ही पार्टियों का ध्यान अब टिकट वितरण पर लगा हुआ है। इस बार दोनों पार्टियां पिछले विधानसभा में जीतकर आए उम्मीदवारों में से 25 से 35 फीसदी को बदली हुई सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए टिकट देगी।
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कांग्रेस करीब 35 प्रतिशत सीटों का टिकट बदल सकती है, जिसमें विधायकों के साथ मंत्री भी शामिल हैं। वहीं, भाजपा 25 प्रतिशत विधायकों को बदली हुई सीटों पर चुनाव लड़ाएगी।
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सूत्रों के अनुसार दोनों पार्टियां प्रत्याशियों की सूची 25 अक्टूबर के बाद जारी करेंगी। कांग्रेस टिकट वितरण में राहुल गांधी के फॉर्मूले को लेकर मशक्कत कर रही है। लगातार दो चुनाव हार चुके उम्मीदवारों को टिकट नहीं दिया जाएगा।
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साथ ही, जिन्हें पिछले चुनाव में 30 फीसदी से कम मत मिले हैं, उन्हें भी टिकट देने से बचा जाएगा।
पिछले विधानसभा चुनाव में कई दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा था, जिसमें केन्द्रीय मंत्री सी.पी. जोशी, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान, हरेन्द्र मिर्धा, संयम लोढ़ा, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा, परसराम मोरदिया, पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. बी.ड़ी. कल्ला विश्वेन्द्र सिंह, राजीव अरोड़ा, केन्द्रीय राज्य मंत्री लाल चंद कटारिया, सांसद महादेव सिंह खंडेला, डॉक्टर करण सिंह यादव जैसे नेता शामिल हैं।
इनमें से कइयों को टिकट से हाथ धोना पड़ सकता है। दूसरी तरफ, भाजपा अपने स्टार प्रचारक नरेन्द्र मोदी के, युवाओं को अधिक मौका देने के विचार को अपनाने का प्रयास कर रही है।
पिछले चुनाव में भाजपा के कई दिग्गज भी हार का स्वाद चख चुके हैं और फिर टिकट लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। यहां भी बहुतों को निराशा हाथ लग सकती है।