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भारतीय सैनिकों से बर्बरता का बदला लिए जाने की आवश्यकता, दूसरे पक्ष को भी वही दर्द हो : सेना प्रमुख
भाषा, जयपुर
Updated Sun, 23 Sep 2018 02:44 AM IST
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बिपिन रावत
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सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि आतंकवादियों और पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सैनिकों के साथ बर्बरता किए जाने का बदला जाने की आवश्यकता है, लेकिन यह बिना बर्बरता के होना चाहिए। हालांकि, दूसरे पक्ष को भी वही दर्द महसूस होना चाहिए।
सेनाध्यक्ष ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘आतंकवादियों व पाकिस्तानी सेना द्वारा हमारे सैनिकों के खिलाफ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का बदला लेने के लिए हमें कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्हें उन्हीं के तरीके से जवाब दिए जाने का समय है लेकिन वैसी ही बर्बरता अपनाने की जरूरत नहीं। मुझे लगता है कि दूसरे पक्ष को वही दर्द महसूस होना चाहिए।'’
जम्मू कश्मीर में बीएसएफ के एक जवान के शव से हैवानियत की घटना के मुद्दे पर सेना प्रमुख ने कहा कि इस तरह का कृत्य अस्वीकार्य है और बिना बर्बरता के इसका बदला लिए जाने की जरूरत है।
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इसके साथ ही सेनाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भारत व भारतीय सेना पाकिस्तान से किसी तरह की धमकी से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि धमकी से डर गए तो फिर आगे क्या करेंगे। भारत या सेना धमकियों से डरने वाली नहीं है।'’ इसके साथ ही रावत ने दावा किया कि 2016 में उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक की घटना अपनी तरह की पहली कार्रवाई थी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका जो कभी पाकिस्तान का सगा संबंधी था, आज जिस तरीके से पाकिस्तान पर हावी हुआ है, यह ऐसे ही नहीं हुआ है। हमारी सरकार उसे अलग-थलग करने में काफी हद तक कामयाब हुई है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार सेना का पूरा सहयोग कर रही है जिसे अपनी कार्रवाइयों को अंजाम देने की छूट है। हथियार खरीद प्रक्रिया में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि आधुनिक साजो सामान व हथियार सेनाओं की जरूरत हैं लेकिन खरीद में देरी का मतलब यह नहीं कि सेनाएं सामान्य रूप में काम नहीं कर सकतीं। हालांकि उन्होंने कहा कि खरीद में देरी अच्छी नहीं है।
सेना प्रमुख ने कहा कि सेना में रोबोट प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने पर विचार चल रहा है। उल्लेखनीय है कि सेना का संयुक्त कमांडर सम्मेलन इसी माह जोधपुर में होना है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाग ले सकते हैं। रावत हाइफा डे परेड का निरीक्षण करने लिए यहां आए थे। वह दक्षिण पश्चिमी सेना कमान भी गए जहां लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन ने उन्हें अभियानगत व अन्य मुद्दों की जानकारी दी।
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सेनाध्यक्ष ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,‘‘आतंकवादियों व पाकिस्तानी सेना द्वारा हमारे सैनिकों के खिलाफ बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का बदला लेने के लिए हमें कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्हें उन्हीं के तरीके से जवाब दिए जाने का समय है लेकिन वैसी ही बर्बरता अपनाने की जरूरत नहीं। मुझे लगता है कि दूसरे पक्ष को वही दर्द महसूस होना चाहिए।'’
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जम्मू कश्मीर में बीएसएफ के एक जवान के शव से हैवानियत की घटना के मुद्दे पर सेना प्रमुख ने कहा कि इस तरह का कृत्य अस्वीकार्य है और बिना बर्बरता के इसका बदला लिए जाने की जरूरत है।
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इसके साथ ही सेनाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि भारत व भारतीय सेना पाकिस्तान से किसी तरह की धमकी से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि धमकी से डर गए तो फिर आगे क्या करेंगे। भारत या सेना धमकियों से डरने वाली नहीं है।'’ इसके साथ ही रावत ने दावा किया कि 2016 में उरी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक की घटना अपनी तरह की पहली कार्रवाई थी।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका जो कभी पाकिस्तान का सगा संबंधी था, आज जिस तरीके से पाकिस्तान पर हावी हुआ है, यह ऐसे ही नहीं हुआ है। हमारी सरकार उसे अलग-थलग करने में काफी हद तक कामयाब हुई है।’’
उन्होंने कहा कि सरकार सेना का पूरा सहयोग कर रही है जिसे अपनी कार्रवाइयों को अंजाम देने की छूट है। हथियार खरीद प्रक्रिया में देरी के सवाल पर उन्होंने कहा कि आधुनिक साजो सामान व हथियार सेनाओं की जरूरत हैं लेकिन खरीद में देरी का मतलब यह नहीं कि सेनाएं सामान्य रूप में काम नहीं कर सकतीं। हालांकि उन्होंने कहा कि खरीद में देरी अच्छी नहीं है।
सेना प्रमुख ने कहा कि सेना में रोबोट प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ाने पर विचार चल रहा है। उल्लेखनीय है कि सेना का संयुक्त कमांडर सम्मेलन इसी माह जोधपुर में होना है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भाग ले सकते हैं। रावत हाइफा डे परेड का निरीक्षण करने लिए यहां आए थे। वह दक्षिण पश्चिमी सेना कमान भी गए जहां लेफ्टिनेंट जनरल चेरिश मैथसन ने उन्हें अभियानगत व अन्य मुद्दों की जानकारी दी।