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Bikaner: अस्पताल की दूसरी मंजिल से गिरकर मरीज की मौत, सेफ्टी रूम में लघुशंका के लिए गया था
Sat, 10 Aug 2024 03:20 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 10 Aug 2024 03:20 PM IST
सार
कल देर रात पीबीएम अस्पताल के हार्ट हॉस्पिटल की दूसरी मंजिल से गिरकर एक मरीज की मौत हो गई। मरीज देर रात लघुशंका के लिए शौचालय की तरफ जा रहा था।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहर के पीबीएम अस्पताल के हल्दीराम मूलचंद कार्डियोवस्कुलर हॉस्पिटल में देर रात हुए एक हादसे में अस्पताल में भर्ती एक मरीज की दूसरी मंजिल से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान नागौर के बासेरी के रहने वाले हीर सिंह के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि हीर सिंह अस्पताल के दूसरी मंजिल के कॉटेज वार्ड नंबर 210 में भर्ती था। देर रात वह लघुशंका के लिए उठा लेकिन कॉटेज का शौचालय खराब होने के कारण वह 212 नंबर कॉटेज में बने शौचालय में जा रहा था। भूलवश वह कॉटेज से पहले बने सेफ्टी गेट में चला गया, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह दो मंजिल नीचे आ गिरा। आसपास मौजूद लोग उसे इलाज के लिए ट्रोमा सेंटर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में विद्युत व्यवस्था के लिए "सेफ्टी गेट" का उपयोग आमतौर पर विद्युत उपकरणों को अनधिकृत या आकस्मिक संपर्क से बचाने के लिए किया जाता है, ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से विद्युत उपकरणों के संपर्क में न आए और दुर्घटना से बचा जा सके।
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बताया जा रहा है कि हीर सिंह अस्पताल के दूसरी मंजिल के कॉटेज वार्ड नंबर 210 में भर्ती था। देर रात वह लघुशंका के लिए उठा लेकिन कॉटेज का शौचालय खराब होने के कारण वह 212 नंबर कॉटेज में बने शौचालय में जा रहा था। भूलवश वह कॉटेज से पहले बने सेफ्टी गेट में चला गया, इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह दो मंजिल नीचे आ गिरा। आसपास मौजूद लोग उसे इलाज के लिए ट्रोमा सेंटर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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अस्पताल में विद्युत व्यवस्था के लिए "सेफ्टी गेट" का उपयोग आमतौर पर विद्युत उपकरणों को अनधिकृत या आकस्मिक संपर्क से बचाने के लिए किया जाता है, ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से विद्युत उपकरणों के संपर्क में न आए और दुर्घटना से बचा जा सके।
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