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Bikaner: रामनवमी पर हुआ भगवान श्रीराम की हस्तलिखित जन्म कुंडली का वाचन, 112 वर्षों से निभाई जा रही परंपरा
Sun, 06 Apr 2025 05:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Apr 2025 05:50 PM IST
सार
Bikaner: इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। रघुनाथ मंदिर का यह आयोजन बीकानेर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवंत करता है और रामनवमी की महत्ता को और अधिक विशेष बना देता है।
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राम भक्त
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
रामनवमी के पावन अवसर पर रविवार को देशभर में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। बीकानेर के तेलीवाड़ा स्थित ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर में भी इस पर्व को लेकर विशेष आयोजन किया गया, जहां एक दुर्लभ और अनोखी परंपरा के तहत भगवान श्रीराम की हस्तलिखित जन्म कुंडली का विधिवत पूजन और वाचन किया गया।
यह परंपरा पिछले 112 वर्षों से निरंतर एक ही परिवार द्वारा निभाई जा रही है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का अद्वितीय केंद्र बन चुकी है। रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष भगवान राम की जन्म कुंडली का पारंपरिक ढंग से वाचन किया गया। इस आयोजन से जुड़े विष्णु दत्त व्यास ने बताया कि उनके परिवार की कई पीढ़ियों से यह दायित्व निभाया जा रहा है।
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कुंडली वाचन से पहले जन्म कुंडली का विधिपूर्वक पूजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कुंडली वाचन के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच 9 क्विंटल पंचामृत और पंजीरी का भव्य प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। रघुनाथ मंदिर का यह आयोजन बीकानेर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवंत करता है और रामनवमी की महत्ता को और अधिक विशेष बना देता है।
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यह परंपरा पिछले 112 वर्षों से निरंतर एक ही परिवार द्वारा निभाई जा रही है, जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का अद्वितीय केंद्र बन चुकी है। रविवार सुबह से ही मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा के समक्ष भगवान राम की जन्म कुंडली का पारंपरिक ढंग से वाचन किया गया। इस आयोजन से जुड़े विष्णु दत्त व्यास ने बताया कि उनके परिवार की कई पीढ़ियों से यह दायित्व निभाया जा रहा है।
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कुंडली वाचन से पहले जन्म कुंडली का विधिपूर्वक पूजन किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। कुंडली वाचन के पश्चात श्रद्धालुओं के बीच 9 क्विंटल पंचामृत और पंजीरी का भव्य प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। रघुनाथ मंदिर का यह आयोजन बीकानेर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को जीवंत करता है और रामनवमी की महत्ता को और अधिक विशेष बना देता है।