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Bikaner: सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों में गुस्सा उबाल पर, चक्का जाम और बाजार बंद, आंदोलन की चेतावनी दी

Sat, 15 Feb 2025 01:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 15 Feb 2025 01:50 PM IST
सार

पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए जीवनदायिनी मानी जाने वाली इंदिरा गांधी नहर परियोजना इस समय संकट में है। नहर से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने के कारण किसानों की चना, गेहूं, सरसों और इसबगोल जैसी फसलों पर संकट खड़ा हो गया है। 

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Bikaner: Farmers' Anger Boils Over Irrigation Water Demand, Warn of Agitation, Wheel Jam and Market Closure

विस्तार

जिले के खाजूवाला, लूणकरणसर, छतरगढ़, पूगल और बज्जू में किसानों का आक्रोश चरम पर है। इंदिरा गांधी नहर से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने के कारण गेहूं, चना, सरसों और इसबगोल की फसलों पर संकट गहरा गया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पानी नहीं मिला, तो उनकी फसलें नष्ट हो जाएंगी, जिससे वे भारी आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर होंगे।

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इस संकट के विरोध में किसानों ने आज चक्का जाम और बाजार बंद का आह्वान किया। सुबह से ही हजारों किसान सड़कों पर उतर आए और नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर नारेबाजी की। "हमारा हुक्का और हल चलता रहेगा" जैसे नारों के साथ किसानों ने प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की।
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इंदिरा गांधी नहर परियोजना पश्चिमी राजस्थान के किसानों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन इस समय पानी की आपूर्ति में आई बाधा ने खेती पर गंभीर असर डाला है। किसानों का कहना है कि उनकी फसलें पकाव के अंतिम चरण में हैं, ऐसे में अगर पानी नहीं मिला तो उत्पादन बुरी तरह प्रभावित होगा। पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे किसान अब इस नई चुनौती से परेशान हैं।
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किसान संगठनों के आह्वान पर चक्काजाम और बाजार बंद से स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हुआ है। हालांकि एंबुलेंस, स्कूल बस, दूध की आपूर्ति और शादी समारोह से जुड़े वाहनों को इस विरोध से अलग रखा गया, जिससे आम जनता को अधिक परेशानी न हो। किसान आंदोलन को व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और अन्य संघों का समर्थन मिल रहा है, जिससे यह और अधिक प्रभावशाली होता जा रहा है।


किसान संगठनों के नेताओं ने दोपहर बाद आगे की रणनीति तय करने की बात कही है। यदि प्रशासन जल्द समाधान नहीं करता है तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिलता, वे अपने हक के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
 

बीकानेर : सिंचाई पानी की मांग को लेकर उबाल पर किसानों का ग़ुस्सा, हमारा हुक्का और हल चलता रहेगा

सिंचाई पानी की मांग को लेकर उबाल पर किसानों का गुस्सा

 

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