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Bikaner News: 30 साल से बकाया इंक्रीमेंट के लिए भटक रहा था कर्मचारी, कोर्ट ने दिए ऑफिस सीज करने के आदेश
Sat, 20 Jul 2024 04:47 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 20 Jul 2024 04:47 PM IST
सार
रोडवेज में बुकिंग क्लर्क के रूप में कार्यरत कर्मचारी के बकाया इंक्रीमेंट के मामले में कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल रोडवेज के मुख्य प्रबंधक का ऑफिस सीज करने पहुंची। तीस साल बाद कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की गई।
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राजस्थान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रोडवेज कर्मचारी के बकाया इंक्रीमेंट जुड़े एक पुराने मामले में कोर्ट ने एक्शन लेते हुए रोडवेज के मुख्य प्रबंधक के कार्यालय को सीज करने और बस स्टैंड कुर्क करने के आदेश दिए। कोर्ट में चल रहे एक मामले के आदेशों की पालना हेतु स्पेशल सेल अमीन और उनकी टीम मुख्य प्रबंधक इंद्रा गोदारा के कार्यालय को सीज करने पहुंची।
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दरअसल रोडवेज में बुकिंग क्लर्क के रूप में कार्यरत हनुमानप्रसाद का एक लाख 78 हजार रुपये का इंक्रीमेंट बकाया है। बकाया इंक्रीमेंट नहीं मिलने के बाद रोडवेज कर्मचारी ने लेबर कोर्ट का सहारा लिया। लेबर कोर्ट में फैसला आने के बावजूद भी रोडवेज प्रशासन ने परिवादी को पैसों का भुगतान नहीं किया। परिवादी हनुमान ने बताया कि वे 30 साल पहले ही रोडवेज से रिटायर हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद भी उन्हें अपने इंक्रीमेंट का पैसा आज तक नहीं मिला है, जिसके लिए उन्होंने अपने हक के लिए लेबर कोर्ट में वाद भी दायर किया था, इसके बावजूद रोडवेज प्रशासन का रवैया नकारात्मक रहा, जिसके चलते उन्हें कोर्ट की शरण लेनी पड़ी।
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परिवादी ने एडीजे संख्या तीन में अपना वाद दायर किया, जिसके बाद कोर्ट ने मुख्य प्रबंधक सहित बस स्टैंड को कुर्क करने के आदेश जारी किए। हालांकि कुर्की करने पहुंची सेल अमीन की टीम को बीकानेर आगार की मुख्य प्रबंधक इंद्रा गोदारा द्वारा दस दिन में मामले के निस्तारण करने के लिखित आश्वासन देने के बाद स्पेशल सेल टीम ऑफिस को बिना सीज किए लौट गई।
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