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Hindi News ›   Rajasthan ›   Bikaner: Rajasthan High Court sent notice and sought a report from the Food Secretary

बीकानेर: मिलीभगत कर डकार गए गरीबों का अनाज,हाई कोर्ट ने नोटिस भेज खाद्य सचिव से रिपोर्ट मांगी

Fri, 21 Jan 2022 11:03 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीकानेर Published by: Amit Mandal Updated Fri, 21 Jan 2022 11:03 PM IST
सार

ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज हाईकोर्ट ने अब खाद्य सचिव को नोटिस भेज कर मामले में हुई अब तक की कार्यवाही के बारे में रिपोर्ट मांगी है।

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Bikaner: Rajasthan High Court sent notice and sought a report from the Food Secretary
राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

बीकानेर जिले के कोलायत तहसील के गांव में उचित मूल्य की दुकानों पर गरीबों को मिलने वाले अनाज का मनमर्जी से वितरण करने के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सचिव को नोटिस जारी किया है। दरअसल, अनाज की बंदरबांट को लेकर अदालत में एक जनहित याचिका पेश की गई थी जिसमें कोलायत तहसील के फुलासर गांधी रणजीतपुरा बज्जू मिठडिया आदि में उचित मूल्य के दुकानदारों ने खाद्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से गड़बड़ी व धांधली कर गरीबों को मिलने वाले अनाज की बंदरबांट शुरू कर दी। 

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अनुचित तरीके से अनाज वितरण के मामले में हाईकोर्ट ने बीकानेर प्रशासन को पहले नोटिस दिया था लेकिन इस मामले दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराज हाईकोर्ट ने अब खाद्य सचिव को नोटिस भेज कर मामले में हुई अब तक की कार्यवाही के बारे में रिपोर्ट मांगी है। सहीराम पूनिया द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर कोई कार्यवाही नहीं होने पर अब स्वास्थ्य विभाग के सचिव को जिले के रसद सामग्री के नियमित विवरण के लिए तुरंत कमेटी बनाकर अधिकारियों व कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए थे। 
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इस बाबत 2013 से 2016 तक इन इलाकों में राशन वितरण का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे। इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिसके बाद 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई। खाद्य विभाग द्वारा हाई कोर्ट में पेश शपथ पत्र में भी माना गया है कि इन तीन वर्षों में राशन वितरण के दौरान गड़बड़ी हुई है। जांच रिपोर्ट में खाद्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्यवाही के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। इसे अदालत ने गंभीर त्रुटि मानते हुए शपथ पत्र को नाकाफी बताया और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए अदालत को सूचना देने के आदेश दिए हैं।

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