आरएएस परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा, 8 गिरफ्तार
फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद अक्टूबर 2013 में हुई राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) की प्रारंभिक परीक्षा को निरस्त कर दिया गया है। इस परीक्षा की मेरिट में 50 छात्रों में से 32 एसटी के थे, जो फर्जीवाड़े की ओर इशारा कर रहा था।
आरपीएससी की ओर से जांच करने के लिए भेजे गए गुप्त पत्र के आधार पर स्पेशल ऑपरेशन गु्रप (एसओजी) ने एक गिरोह को पकड़ा है, जो पेपर आउट करता था। ये 32 छात्र भी एक ही क्षेत्र के थे।
जानकारी के अनुसार परीक्षा को आरपीएससी अगले दो माह में फिर से कराएगी। यह फैसला गुरूवार को आरपीएससी की फुल कमीशन की बैठक में लिया गया। इस परीक्षा का परिणाम 11 जून को इसका परिणाम घोषित किया गया था।
खुलासे के बाद आरएएस प्री परीक्षा निरस्त
इस परीक्षा में 2 लाख 95 हजार 246 छात्रों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा में 22 हजार 548 छात्रों ने उत्तीर्ण की थी। एसओजी ने आरएएस प्री परीक्षा में हुए फर्जीवाड़े का भड़ाफोड़ करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
इनके पास से 10.50 लाख रुपए, एक पिस्टल और 15 कारतूस बरामद किए। यह गिरोह आगामी 12 जुलाई को होने वाली स्कूल प्राध्यापक परीक्षा (ग्रेड प्रथम) में भी तीन-तीन लाख की रकम ऐंठ कर कुछ अभ्यर्थियों को पास कराने की फिराक में भी था।
सरगना अमृत लाल के परिवार और रिश्तेदारी के 20 लोग आरएएस प्री की टॉप-50 मैरिट में आए। इन सभी पर अनुचित तरीके से परीक्षा देने का आरोप है। खास बात यह रही कि इस गिरोह के सदस्य भी मेरिट में आए थे। सरगना अमृत लाल मीणा, संजीव मीणा, हंसराज मीणा और सुनील कुमार समेत अमृत की पत्नी भी आरएएस प्री की मैरिट में आए थे।