फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Bhilwara News ›   bhilwara newborn found in cradle home baby som premature birth nicu

भीलवाड़ा: पालना गृह में मिला डेढ़ किलो का नवजात, ठंड से बिगड़ी हालत; बाल कल्याण समिति ने रखा 'सोम' नाम

Tue, 03 Nov 2026 01:00 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Tue, 03 Nov 2026 01:00 PM IST
सार

राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल परिसर के पालना गृह में अज्ञात व्यक्ति एक नवजात बालक को छोड़ गया। अलार्म बजने पर अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों ने बच्चे को सुरक्षित निकालकर एनआईसीयू में भर्ती कराया। ठंड के कारण उसका शरीर सुन्न पड़ गया था और उसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी।

विज्ञापन
bhilwara newborn found in cradle home baby som premature birth nicu
पालना गृह में मिला डेढ़ किलो का नवजात - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान के भीलवाड़ा शहर स्थित महात्मा गांधी अस्पताल परिसर में बने पालना गृह में एक नवजात बालक मिला है। अज्ञात व्यक्ति सोमवार को मातृ एवं शिशु इकाई के बाहर बने पालना गृह में बच्चे को छोड़कर चला गया। पालना गृह का अलार्म बजते ही अस्पताल का नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। उस समय कड़ाके की ठंड के कारण नवजात का शरीर सुन्न पड़ रहा था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। स्वास्थ्यकर्मियों ने बिना देर किए उसे नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती कराया। डॉक्टरों की टीम बच्चे का उपचार कर रही है। वहीं, बाल कल्याण समिति ने सोमवार को मिलने के कारण नवजात का नाम 'सोम' रखा है।

विज्ञापन

अलार्म बजते ही पालना गृह पहुंचे नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षाकर्मी

मातृ एवं शिशु इकाई के बाहर बने पालना गृह का अलार्म अचानक बजने लगा। आवाज सुनते ही ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तुरंत वहां पहुंचे। पालने के अंदर एक नवजात बालक रो रहा था, लेकिन आसपास उसे छोड़ने वाला कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। कड़ाके की ठंड के संपर्क में आने से बच्चे का शरीर सुन्न पड़ चुका था। उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्यकर्मियों ने तुरंत उसे एनआईसीयू वार्ड में पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने नवजात को वार्मर पर रखा और ऑक्सीजन सपोर्ट देकर उपचार शुरू किया।

विज्ञापन

समय से पहले जन्म, वजन महज डेढ़ किलोग्राम

अस्पताल में डॉक्टरों की शुरुआती जांच में पता चला कि नवजात बालक का वजन महज डेढ़ किलोग्राम है। सामान्य तौर पर जन्म के समय नवजात का औसत वजन ढाई से तीन किलोग्राम के बीच होता है। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे का जन्म समय से पहले हुआ है। इसी वजह से उसके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो सके हैं और उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही है। ठंड की चपेट में आने और संक्रमण का खतरा देखते हुए डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है। बच्चे की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे विशेष चिकित्सा देखभाल दी जा रही है। डॉक्टर उसकी जान बचाने के लिए हर जरूरी उपचार कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार को मिला, इसलिए बाल कल्याण समिति ने रखा 'सोम' नाम

बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष चंद्रकला ओझा ने बताया कि नवजात सोमवार को पालना गृह में मिला था। इसी वजह से समिति के सदस्यों ने सर्वसम्मति से उसका नाम 'सोम' रखा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बच्चे की हालत चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है। समिति की प्राथमिकता नवजात को अस्पताल में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके लिए समिति अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों की टीम के लगातार संपर्क में है। बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार पर भी नजर रखी जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed