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भीलवाड़ा: मेडिकल कॉलेज में रैगिंग के गंभीर आरोप, नेशनल मेडिकल कमीशन सख्त, कॉलेज प्रबंधन से जवाब तलब
Sat, 17 Oct 2026 01:57 PM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Sat, 17 Oct 2026 01:57 PM IST
सार
भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में सीनियर छात्रों पर रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना देने के आरोप लगे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने कॉलेज प्रबंधन से 24 घंटे में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
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भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में रैगिंग की शिकायत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के एक छात्र ने वरिष्ठ छात्रों पर मानसिक प्रताड़ना और रैगिंग के गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। मामले का संज्ञान लेते हुए आयोग ने कॉलेज प्रबंधन से 24 घंटे के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने 15 अक्तूबर को कॉलेज परिसर स्थित हॉस्टल में घटी घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने और बीते छह महीने में हुई एंटी रैगिंग बैठकों का रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया है।
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एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्र ने द्वितीय और तृतीय वर्ष के वरिष्ठ छात्रों पर जबरन दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार सीनियर छात्र जूनियर्स को नियम मानने और रैगिंग में शामिल होने के लिए विवश करते हैं और बात न मानने पर परीक्षा में फेल कराने, बैक लगवाने, कक्षाओं में बैठने से रोकने, जिम जाने से वंचित करने और खेल के मैदान में न खेलने देने की खुली धमकी देते हैं। साथ ही नए विद्यार्थियों पर जबरन बाल कटवाने का दबाव भी बनाते हैं। छात्र ने आयोग से इस पूरी व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। छात्र ने यह आशंका भी जताई कि यदि इस स्थिति को तुरंत नहीं रोका गया तो कोई विद्यार्थी अत्यधिक मानसिक दबाव के कारण आत्मघाती कदम उठा सकता है।
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प्रताड़ना से परेशान होकर जब छात्र के माता-पिता शिकायत लेकर कॉलेज पहुंचे तो उन्हें भी डराने-धमकाने का प्रयास किया गया। अभिभावकों ने कॉलेज की प्रिंसिपल के सामने अपने पास उपलब्ध वीडियो साक्ष्य पेश किए। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उचित कार्रवाई करने के स्थान पर संवेदनहीनता दिखाते हुए कहा कि क्या उनका बच्चा पहली बार घर से बाहर निकला है? अभिभावकों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन ने वरिष्ठ छात्रों के खिलाफ तत्काल कोई पूछताछ नहीं की और न ही कोई सख्त कदम उठाया।
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के एंटी रैगिंग सेल ने कॉलेज की प्रिंसिपल को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब और कार्रवाई रिपोर्ट तलब की। आयोग ने 15 अक्तूबर की घटना, परीक्षा में फेल करने की धमकियों, अभिभावकों को धमकाने तथा एंटी रैगिंग तंत्र की कार्यप्रणाली पर स्पष्टीकरण मांगा है और सभी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही पिछले छह महीनों के दौरान एंटी रैगिंग कमेटी, एंटी रैगिंग स्क्वॉड और हॉस्टल कमेटी की बैठकों, निरीक्षणों, ड्यूटी रोस्टर और पुरानी शिकायतों पर हुई कार्रवाई के दस्तावेज भी मांगे गए हैं।
मामले में भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी के डॉ. अनुपम बंसल ने स्वीकार किया कि उन्हें रैगिंग की शिकायत मिली है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि कॉलेज प्रिंसिपल और प्रबंधन ने जांच शुरू करने के लिए अब तक कोई बैठक आयोजित नहीं की है। इस संबंध में जब कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. पूजा गंगराड़े से फोन और मैसेज के जरिये संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। दूसरी ओर यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल ने मेडिकल कॉलेजों में लगातार बढ़ती रैगिंग की घटनाओं पर गहरी चिंता प्रकट करते हुए इस प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है।