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Bhilwara Gangrape: नाबालिग के पिता का दर्द- पुलिस ने सुनी होती, तो बेटी को राख में नहीं तलाशना पड़ता
Fri, 04 Aug 2023 01:22 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भीलवाड़ा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 04 Aug 2023 01:22 PM IST
सार
भीलवाड़ा में नाबालिग की गैंगरेप के बाद हत्या के केस में नए खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने लाश को कोयले की भट्टी में जलाया लेकिन यदि पुलिस पिता की गुहार सुन लेती तो वह राख में नहीं मिलती।
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भीलवाड़ा में राख में से छह घंटे तक निकाले गए अवशेष।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी थाना क्षेत्र के गांव में नाबालिग के साथ गेंगरेप व हत्या कर कोयले की भट्टी में जलाने के मामले में नई जानकारी सामने आई है। पिता और परिजन पुलिस के पास पहुंचे थे। उस समय ही यदि कार्रवाई हो जाती तो बच्ची मिल जाती। उसका शव भी भट्टी में राख में तब्दील नहीं होता। पुलिस की लापरवाही को लेकर भाजपा की प्रदेश जांच कमेटी ने भी सवालिया निशान लगाए हैं। टीम ने कहा है कि भीलवाड़ा जिले के दो कांग्रेस नेताओं के संरक्षण में पुलिस ऐसा कर रही है।
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अपनी बेटी की जघन्य हत्या के 30 घंटे के बाद भी उसके माता-पिता सदमे से नहीं उबर पा रहे हैं। पिता का कहना है कि बुधवार शाम को पुलिस उनकी सुन लेती तो आज यह हालात नहीं बनते। देर शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट ही नहीं ली। परिजनों को लेकर खेत व कोयले के भट्टों के पास बेटी को तलाशते रहे। उस समय तक भट्टे में आग भी नहीं थी। रात को पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो परिजन खेत पर गए। वहां एक भट्टे में आग जल रही थी। आशंका हुई तो वहां तलाशा। वहां पर बच्ची की चप्पल व चांदी का कड़ा मिला। तब पुलिस आधी रात को घटनास्थल पर पहुंची थी।
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छह घंटे में 300 किलो राख को छानकर निकाला हाथ
पूछताछ के बाद खुलासा हुआ कि दरिंदों ने नाबालिग का एक हाथ काटकर भट्ठी में जला दिया और शव तालाब में फेंक दिया। एफएसएल टीम को बुलाया गया। टीम के सदस्यों ने भट्ठी से करीब 300 किलोग्राम से ज्यादा राख व कोयलों को बाहर निकाला। उसे छानने के बाद 6 घंटे तक एक-एक कोयले को छांटकर नाबालिग के हाथ के कई टुकड़ों को ढूंढकर बाहर निकाला गया। बुधवार की रात जब भट्ठी में पानी डालकर आग बुझाई गई तो दहकते कोयलों के बीच बच्ची का अधजला हाथ और चांदी का कड़ा अंगारों के बीच से निकला।
चार महीने पहले किराये पर दिए थे भट्टे
आरोपियों ने बच्ची के पिता के खेत में किराये पर लिए कोयले के भट्टे पर 14 साल की नाबालिग से गैंगरेप किया। इसके बाद उसे भट्ठी में डालकर जला दिया। गुरुवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जहां गैंगरेप हुआ बताते है, वह खेत बच्ची के पिता का ही है। चार महीने पहले ठेके पर दिया था। खेत पीड़िता के घर से डेढ़ किलोमीटर दूर है। यहां पर कोयला बनाने के लिए पांच भट्टे हैं। उन्हें दो साल से किराए पर चलाया जा रहा था। चार महीने पहले ही खेत में ये भट्टे पीड़िता के पिता ने आरोपियों को किराये पर दिए थे। पिता ने सोचा भी नहीं था, जिन्हें वो भट्टा किराये पर दे रहा है, वही उसके परिवार के दुश्मन बन जाएंगे। चार महीने से यहां कोयला बनाने का काम हो रहा था।
अकेली नहीं जाती थी मासूम
नाबालिग के पिता ने बताया कि उनकी बेटी कभी घर से अकेली नहीं निकली। बेटी, उसकी मां और मेरी रोज की यही दिनचर्या थी कि हम लोग साथ में ही मवेशी चराने निकलते थे। बकौल पीड़िता की मां, जब बेटी दोपहर तीन बजे तक घर नहीं लौटी तो ढूंढते हुए खेत पर गई थी। उस समय खेत में भट्ठी नहीं जल रही थी। आरोपियों से पूछा भी कि मेरी बेटी कहां है तो वे अनजान बन गए। इसके बाद मां वहां से निकल गई और घर आ गई। शाम को गांव के लोगों ने ढूंढना शुरू किया। वे लोग खेत की तरफ गए तो भट्ठी जल रही थी। बारिश के मौसम में भट्टी जलना संदेहास्पद था। ग्रामीणों ने सख्ती की तो आरोपी डर गए। किसी ने बताया कि बेटी का जूता यहीं पड़ा है। इस पर उन्हें लगा कि अब सारी बात सामने आ गई है। तब उन्होंने बताया कि उन्होंने मासूम के साथ गलत काम कर उसे जला दिया।