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Bharatpur News: बाबुल की बेबसी पर समाज ने निभाई जिम्मेदारी

Mon, 03 Mar 2025 12:56 AM IST
Bharatpur bureau भरतपुर ब्यूरो
Updated Mon, 03 Mar 2025 12:56 AM IST
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रुपबास (भरतपुर)। बेटियों के हाथ पीले करते समय दहेज और फिजूलखर्ची मां-बाप को बेबस बना देती है। ऐसा ही अनूठा मामला कस्बे में सामने आया। जहां शादी का खर्च उठा पाने में असहाय एक पिता हाथ में मेहंदी लगी दो बेटियों व बेटे को रेलवे स्टेशन पर छोड़कर चला गया। रोती-बिलखतीं युवतियों के आंसू लोगों पर देखे नहीं गए। व्हाट्सग्रुप पर फैले मैसेज के बाद लोग जागरूक हुए। मिनटों में दावत के नाश्ते, खाने, रुपयों से लेकर दहेज के सामान का इंतजाम हो गया। खुशी पूर्वक दोनों बेटियों की शादी कर उन्हें ससुराल विदा किया गया।
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धौलपुर जिले के एक गांव का परिवार हरियाणा के भिवाड़ी में रहकर मजदूरी करता है। परिवार के सदस्यों ने अपनी दो पुत्रियों का विवाह रुपबास क्षेत्र के एक गांव में पक्का कर दिया। शादी 1 मार्च को थी और 27 मार्च को सुबह लग्न लिखी जानी थी। इसके लिए दोनों लड़कियां और परिवार के सदस्य एक दिन पूर्व भिवाड़ी से रुपबास आ गए। 26 मार्च की रात करीब 7 बजे दो युवतियां और एक लड़का रुपबास रेलवे स्टेशन पर रो रहे थे। रिटायर्ड शिक्षक योगेंद्र भातरा जो रोजाना यहां घूमने जाते हैं, उन्होंने उनकी व्यथा सुनी तो दिल पसीज गया।
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उन्होंने मामले की सूचना अपना घर के पदाधिकारियों को सूचना दी। अपना घर के डॉ. नरेंद्र पाराशर, आनंद प्रकाश गोयल, अशोक गोयल, अजय डांगुर आदि मौके पर पहुंचे और लड़कियों से मामले की जानकारी की। पता चला कि शादी के लिए रुपयों का इंतजाम न होने पर पिता उन्हें छोड़कर चले गए हैं। अपना घर के पदाधिकारियों ने व्हाट्सएप ग्रुप पर मैसेज भेजकर लोगों से शादी के लिए सहायता मांगी। रुपये और सामान एकत्रित होने पर अपना घर के पदाधिकारियों ने एक मार्च को कस्बे में एक खाली पड़े प्लॉट पर ही टैंट-शामियाना लगाकर धूमधाम से दोनों लड़कियों की शादी संपन्न कराई। दावत, वरमाला और फेरे के बाद गोधूलि वेला में उन्हें खुशी-खुशी ससुराल विदा किया गया।
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कस्बे के मुकेश कटारा ने 500 लोगों के नाश्ते व खाने का इंतजाम किया। रामजीलाल रावत ने 21000 रुपये एवं अन्य लोगों द्वारा कुल 1,28180 रुपये दिए गए। वहीं 56 जोड़ी पेंट-शर्ट, 29 बनारसी साड़ी, 1 कंबल, बर्तन, 25 जोड़ी बिछुआ, 4 पंखा, 4 लहंगा, दो बाल्टी, 5 शॉल, 1 केसरोल, 3 तमेड़ी, एक-एक परात, कुकर, चादर, 10 पर्स, दो जोड़ी चांदी की अंगूठी, शृंगार का सामान, ड्रेसिंग टेबल, दो कुर्सी 4 सूटकेस, दो जोड़ी चांदी के हथफूल, दो मिक्सी, 1 हाथ घड़ी, दो बेड, एक मोटरसाइकिल, दो सोने की अंगूठी आदि प्रदान कीं।
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