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Rajasthan: विश्वेंद्र सिंह बोले- जाट को मारे जाट या मारे करतार..., चुनाव जरूर हारा, कमजोर नहीं हुआ हूं

Mon, 25 Dec 2023 06:38 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर Published by: अरविंद कुमार Updated Mon, 25 Dec 2023 06:38 PM IST
सार

भरतपुर में डीग-कुम्हेर विधानसभा सीट पर हार की टीस को पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने सोमवार को जाहिर किया। उन्होंने सार्वजनिक सभा में मंच से कहा, एक पुरानी कहावत है, जाट को मारे जाट, या मारे करतार...मुझे करतार (ईश्वर) ने नहीं मारा।

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Rajasthan Vishvendra Singh statement regarding Jat community in Bharatpur
पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भरतपुर जिले में महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस बड़े धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। डीग जिले के कामां तहसील में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने जाट धर्मशाला का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में भाषण देते हुए विश्वेंद्र सिंह ने कहा, एक पुरानी कहावत है, जाट को मारे जाट या मारे करतार, अभी का किस्सा है ज्यादा दूर क्यों जाते हो, चुनाव का, करतार ने नहीं मारा मुझे, जिनको नहीं मारना चाहिए था, उन्होंने मारा। कोई बड़ी बात नहीं चुनाव आते हैं, चुनाव जाते हैं। अगर मेरे लायक कोई काम हो तो मेरे पास आओ, चुनाव हार गया हूं, कमजोर नहीं हुआ हूं।

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पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह सोमवार को कामां हो रहे महाराजा सूरजमल के बलिदान दिवस के कार्यक्रम में शामिल करने के लिए पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल न केवल अपना साम्राज्य बढ़ाया, बल्कि अपने साम्राज्य में खुशहाली लेकर आए। महाराजा सूरजमल ने 80 युद्ध लड़े और सभी युद्धों में वह विजयी रहे, यह एक रिकॉर्ड है। जो ख्याति उन्होंने प्राप्त की शायद बहुत कम लोगों ने प्राप्त की। अंग्रेजों को हराया, मुगलों को हराया और भरतपुर, डीग, कुम्हेर के किले ऐसे बनाये जो अजय रहे।
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जाट को मारे जाट या मारे करतार
विधानसभा चुनावों को लेकर पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा की, मैं एक कटु सत्य कहना चाहता हूं। एक पुरानी कहावत है। जाट को मारे जाट या मारे करतार, अभी का किस्सा है। ज्यादा दूर क्यों जाते हो, चुनाव का, करतार ने नहीं मारा मुझे, जिन्हें नहीं मारना चाहिए था उन्होंने मारा। कोई बड़ी बात नहीं चुनाव आते हैं चुनाव जाते हैं। मुझे सभी कौमो में वोट दिया। इस मौके पर मैं जाटव समाज का धन्यवाद देना चाहता हूं। जिन्होंने मुझे 80 से 90 प्रतिशत वोट दिए। यह उम्मीद से बाहर है। ऐसा आजतक नहीं हुआ। हमारे जाटों में कमी क्या है। हम ईर्ष्या की भावना रखते हैं। अपने दुःख से दुखी नहीं हैं। दूसरे के सुख से दुखी हैं। इसको बदलो प्रतिस्पर्धा लाओ। जब तक वह नहीं होगा, तब तक हम आगे नहीं बढ़ेंगे।  कभी आपको मेरी जरूरत पड़े तो मेरे पास आओ। चुनाव जरूर हार गया हूं, लेकिन कमजोर नहीं हुआ हूं। 
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भरतपुर और धौलपुर के जाटों को केंद्र में मिले आरक्षण
पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि OBC में भरतपुर और धौलपुर के जाट नहीं थे। मैंने और जनता ने पिछले बीजेपी के काल में संघर्ष किया। मैं मंत्री भी रह लिया, लेकिन रेल रोकने का केस आज भी मेरे ऊपर चल रहा है। अब हम चाहते हैं हमें केंद्र में आरक्षण मिले। केंद्र का तर्क है धौलपुर और भरतपुर के शासक जाट थे। तो क्या सभी पैसे वाले थे जनता भी पैसे वाली थी।

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