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Rajasthan: जिला परिषद भवन और अधिकारियों के वाहन पर गिरी कोर्ट की गाज, 31 साल चला शिक्षक का संघर्ष, जानें मामला
Fri, 06 Dec 2024 06:19 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भरतपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 06 Dec 2024 06:19 PM IST
सार
भरतपुर जिले में 31 साल पहले फर्जी बीएड डिग्री के आरोप में नौकरी से बर्खास्त किए गए शिक्षक महेश चंद शर्मा को लंबी कानूनी लड़ाई के बाद न्याय मिला।
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पीड़ित शिक्षक महेश चंद शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भरतपुर जिले में 31 साल पुराने मामले में सरकारी शिक्षक महेश चंद शर्मा को फर्जी बीएड डिग्री के आरोप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उनकी डिग्री सही साबित हुई और कोर्ट ने उन्हें बहाल करने का आदेश दिया। इसके बावजूद उन्हें नौकरी नहीं दी गई, न ही पेंशन या बकाया वेतन दिया गया। अब वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश (एसीजे-1) ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए सरकार पर 86.51 लाख रुपये की वसूली के आदेश दिए हैं।
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जानकारी के अनुसार महेश चंद शर्मा, जो पंचायत समिति कुम्हेर के गांव बंगाल दादू में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे, उनको एक दिसंबर 1992 को विकास अधिकारी की ओर से बीएड डिग्री को फर्जी बताते हुए नौकरी से निष्कासित कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। जांच में महेश चंद की डिग्री को सही पाया गया। उन्होंने डीईओ कोर्ट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपने निष्कासन के खिलाफ अपील की, जहां उन्हें बहाल करने का आदेश दिया गया। इसके बावजूद उन्हें नौकरी नहीं दी गई, न ही कोई वित्तीय लाभ दिया गया।
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कुर्की का नोटिस चस्पाते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
कानूनी लड़ाई और वसूली का आदेश
इजरा दायर पीड़ित ने न्याय के लिए वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश (एसीजे-1), भरतपुर में इजरा दायर की। कोर्ट ने 86.51 लाख रुपये की वसूली के लिए जिला कलेक्टर और जिला परिषद के सीईओ के वाहन और जिला परिषद भवन की कुर्की के आदेश दिए। अमीन विकास आनंद शर्मा ने जिला परिषद भवन पर कुर्की के आदेश चस्पा किए। अधिकारियों के वाहन न मिलने पर आगामी तिथि पर कार्रवाई की जाएगी।
अब उम्मीद है कि मुझे न्याय मिलेगा
महेश चंद शर्मा ने कहा कि मेरी डिग्री सही पाई गई और कोर्ट ने बहाली का आदेश दिया, लेकिन सरकार ने न तो मुझे नौकरी दी न ही पेंशन और बकाया वेतन। मैंने 6 साल पहले इजरा दायर की, जिसके बाद कोर्ट ने सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया। अब उम्मीद है कि मुझे न्याय मिलेगा।
सेल अमीन विकास आनंद शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार जिला परिषद भवन पर कुर्की के आदेश चस्पा किए गए हैं। अधिकारियों के वाहन नहीं मिलने के कारण आगामी तिथि पर कुर्की की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इजरा दायर पीड़ित ने न्याय के लिए वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश (एसीजे-1), भरतपुर में इजरा दायर की। कोर्ट ने 86.51 लाख रुपये की वसूली के लिए जिला कलेक्टर और जिला परिषद के सीईओ के वाहन और जिला परिषद भवन की कुर्की के आदेश दिए। अमीन विकास आनंद शर्मा ने जिला परिषद भवन पर कुर्की के आदेश चस्पा किए। अधिकारियों के वाहन न मिलने पर आगामी तिथि पर कार्रवाई की जाएगी।
अब उम्मीद है कि मुझे न्याय मिलेगा
महेश चंद शर्मा ने कहा कि मेरी डिग्री सही पाई गई और कोर्ट ने बहाली का आदेश दिया, लेकिन सरकार ने न तो मुझे नौकरी दी न ही पेंशन और बकाया वेतन। मैंने 6 साल पहले इजरा दायर की, जिसके बाद कोर्ट ने सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया। अब उम्मीद है कि मुझे न्याय मिलेगा।
सेल अमीन विकास आनंद शर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेशानुसार जिला परिषद भवन पर कुर्की के आदेश चस्पा किए गए हैं। अधिकारियों के वाहन नहीं मिलने के कारण आगामी तिथि पर कुर्की की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।