{"_id":"6a001e71392261978a0a11b8","slug":"elderly-man-burdened-bank-debt-received-relief-in-lok-adalat-villagers-banded-to-pay-debt-of-3-50-lakh-barmer-2026-05-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Barmer: लोक अदालत में हुआ चमत्कार! 3.50 लाख का कर्ज घटकर हुआ 1.20 लाख; जज के सामने रो पड़ा बुजुर्ग किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Barmer: लोक अदालत में हुआ चमत्कार! 3.50 लाख का कर्ज घटकर हुआ 1.20 लाख; जज के सामने रो पड़ा बुजुर्ग किसान
Sun, 10 May 2026 11:28 AM IST
बाड़मेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़मेर
Published by: बाड़मेर ब्यूरो
Updated Sun, 10 May 2026 11:28 AM IST
सार
Barmer: बाड़मेर की लोक अदालत में एक बुजुर्ग किसान को बड़ी राहत मिली। 3.50 लाख रुपए के बैंक कर्ज का 1.20 लाख रुपए में सेटलमेंट हुआ, जिसे गांव वालों और रिश्तेदारों ने मिलकर चुकाया। कर्ज से मुक्ति मिलने पर बुजुर्ग किसान भावुक हो गए।
विज्ञापन
लोक अदालत में किसान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बाड़मेर में लोक अदालत के दौरान एक दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है, जहां बैंक के कर्ज तले दबे एक बुजुर्ग किसान को बड़ी राहत मिली। गांव के लोगों और रिश्तेदारों ने मिलकर बुजुर्ग किसान के बैंक से लिए गए कर्ज को उतारा। बुजुर्ग पर करीब 3.50 लाख रुपए का बैंक लोन था, लेकिन लोक अदालत ने उनकी आर्थिक स्थिति को देखते हुए और दोनों पक्षों को सुनने के बाद 1.20 लाख रुपए में सेटलमेंट के आदेश दिए। हालांकि बुजुर्ग के पास इतने पैसे नहीं थे, ऐसे में गांव के लोग और रिश्तेदार मदद के लिए आगे आए और उन्होंने 1.20 लाख रुपए जुटाकर बुजुर्ग को बैंक कर्ज से मुक्ति दिलाई।
विज्ञापन
भावुक हो गए बुजुर्ग किसान
कर्ज से छुटकारा मिलने के बाद बुजुर्ग किसान की आंखों में आंसू आ गए। जब उन्हें पता चला कि उनका लोन घटाकर 1 लाख 20 हजार रुपए कर दिया गया है, तो वे भावुक हो गए और जज के पैर पकड़ने लगे। इस पर जज अजिताभ शर्मा ने उनके हाथ पकड़ लिए और खुद हाथ जोड़ने लगे। इसके बाद उन्होंने सहारा देकर बुजुर्ग किसान को उठाया।
विज्ञापन
किसान क्रेडिट कार्ड से लिया था लोन
जिले के सीमावर्ती देरासर गांव निवासी रहीम खान (72) पुत्र सुरतान खान ने वर्ष 2016 में किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 1 लाख 15 हजार रुपए का लोन लिया था। लेकिन पारिवारिक और आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वे लोन जमा नहीं कर पाए। समय के साथ ब्याज बढ़ता गया और कर्ज की राशि बढ़कर 3.50 लाख रुपए तक पहुंच गई।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: उदयपुर के खाटूश्यामजी मंदिर में लाखों की चोरी का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार, 5 की तलाश जारी
ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने की मदद
रहीम खान के पास कर्ज चुकाने के लिए पैसे नहीं थे। इसके बाद गांव के लोगों ने बैंक और बैंक के वकील से संपर्क किया। बैंक ने 3.50 लाख रुपए के बदले 1.20 लाख रुपए में सेटलमेंट करने पर सहमति जताई। इसके बाद बुजुर्ग के रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने मिलकर 1.20 लाख रुपए जमा करवाए। राशि जमा होते ही बैंक ने बुजुर्ग किसान का लोन बंद कर दिया।