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Rajasthan: सागवाड़ा में किसका बजेगा डंका? कांग्रेस का बोर्ड बचाने की चुनौती, भाजपा की सत्ता पर नजर

Sun, 23 Aug 2026 10:38 AM IST
बांसवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, डूंगरपुर Published by: बांसवाड़ा ब्यूरो Updated Sun, 23 Aug 2026 10:38 AM IST
सार

डूंगरपुर की सागवाड़ा नगर पालिका में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा और इस बार अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित है। 24,645 मतदाता 35 वार्डों में मतदान करेंगे।

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Sagwara Municipality: A Matter of Prestige for BJP and Congress
सागवाड़ा नगर पालिका का अस्थायी भवन।

विस्तार

राजस्थान में निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही सागवाड़ा नगर पालिका में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यहां दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान होगा। इस बार नगर पालिका अध्यक्ष का पद अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) महिला के लिए आरक्षित है। मौजूदा समय में सागवाड़ा से विधायक भाजपा के हैं, जबकि नगर पालिका में कांग्रेस का बोर्ड रहा है। ऐसे में कांग्रेस के सामने अपना दबदबा कायम रखने की चुनौती है, वहीं भाजपा बोर्ड बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। भाजपा, कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी के साथ निर्दलीय भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। यही वजह है कि सागवाड़ा का चुनाव दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

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24,645 मतदाता तय करेंगे सागवाड़ा का सियासी भविष्य

सागवाड़ा नगर पालिका में कुल 24,645 मतदाता हैं। इनमें 12,449 पुरुष, 12,196 महिला और 2 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। नगर पालिका में कुल 35 वार्ड हैं।

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पिछले चुनाव में कांग्रेस ने 22 वार्डों में जीत हासिल कर बोर्ड बनाया था। भाजपा के 10 पार्षद जीते थे, जबकि तीन पार्षद निर्दलीय रहे थे। मौजूदा समीकरण में कांग्रेस के पास 22, भाजपा के पास 10 और निर्दलीयों के पास 3 पार्षद हैं।

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अध्यक्ष पद OBC महिला के लिए आरक्षित

इस बार अध्यक्ष पद ओबीसी महिला के लिए आरक्षित होने से चुनावी समीकरण काफी बदल गया है। वार्डों के आरक्षण की स्थिति भी राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण है। सागवाड़ा में एससी के चार वार्ड आरक्षित हैं, जिनमें एक वार्ड महिला के लिए है। एसटी के नौ वार्ड हैं, जिनमें तीन महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। ओबीसी के चार वार्ड हैं, जिनमें एक महिला के लिए आरक्षित है। वहीं सामान्य वर्ग के 18 वार्ड हैं, जिनमें छह महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इस तरह कुल 11 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

आरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों ने जताई आपत्ति

वार्डों के पुनर्गठन के बाद जनसंख्या के आधार पर आरक्षण को लेकर भी विवाद सामने आया है। एससी, एसटी, ओबीसी और सामान्य वर्ग के वार्डों में आरक्षण को लेकर राजनीतिक दलों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। हालांकि, इन आपत्तियों पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के आधार पर अपने-अपने प्रत्याशियों के चयन में जुटे हैं।

22 सीट जीतकर कांग्रेस ने बनाया था बोर्ड

पिछले निकाय चुनाव में कांग्रेस ने 35 में से 22 सीटें जीतकर एकतरफा बोर्ड बनाया था। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के करीबी माने जाने वाले दिनेश खोड़निया के भाई नरेंद्र खोड़निया को अध्यक्ष चुना था। बाद में पद के कथित दुरुपयोग, पुराने पालिका भवन को गिराने और पालिका कार्यालय को निजी भवन में स्थानांतरित करने जैसे आरोपों के बाद नरेंद्र खोड़निया को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने भाजपा पार्षद आशीष गांधी को अध्यक्ष बना दिया। हालांकि, बाद में नरेंद्र खोड़निया कोर्ट से स्टे ले आए थे।

पांच चुनावों में तीन बार भाजपा, दो बार कांग्रेस

सागवाड़ा नगर पालिका के पिछले पांच चुनावों का रिकॉर्ड देखें तो भाजपा का पलड़ा थोड़ा भारी रहा है। 2021 में कांग्रेस, 2015 में भाजपा, 2010 में भाजपा, 2005 में कांग्रेस और 2000 में भाजपा का बोर्ड बना था। इस बार दोनों प्रमुख दल पुराने रिकॉर्ड और मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए रणनीति तैयार कर रहे हैं।

विकास और कथित भ्रष्टाचार बन सकते हैं चुनावी मुद्दे

सागवाड़ा में इस बार चुनावी मुद्दे भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। शहर के कुछ हिस्सों में गौरव पथ की खराब स्थिति, बढ़ते शहरी क्षेत्र के हिसाब से विकास कार्यों की जरूरत और पालिका में कथित भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे चुनाव में उठ सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस के साथ भारत आदिवासी पार्टी भी पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है। वहीं कई वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवार भी ताल ठोक सकते हैं। ऐसे में 11 सितंबर को होने वाला मतदान सागवाड़ा की नई सियासी तस्वीर तय करेगा और यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपना बोर्ड बचाती है या भाजपा सत्ता अपने हाथ में लेने में कामयाब होती है।

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