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भाजपा के बागी विधायक हनुमान बेनीवाल बनाएंगे नई पार्टी, 29 को जयपुर में करेंगे किसान हुंकार महारैली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Updated Thu, 11 Oct 2018 01:36 PM IST
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Hanuman Beniwal
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राजस्थान में सात दिसंबर को चुनाव होने वाले हैं। विधानसभा चुनावों की तारीखों के एलान के साथ ही सियासी उठापटक शुरू हो गई है। चुनावी रैलियां और सभाओं के जरिए चुनावी बिसात बिछ रही है। इन्हीं सब के बीच राज्य में जाटों के तेज तर्रार नेता कहे जाने वाले भाजपा के बागी विधायक हनुमान बेनीवाल ने एलान किया है कि वे 29 अक्टूबर को राजधानी जयपुर में किसान हुंकार महारैली करेंगे। खास बात यह है कि इस रैली में वे अपने हजारों समर्थकों के बीच नई राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा करेंगे।
हनुमान बेनीवाल खींवसर, नागौर से विधायक हैं। उन्होंने बुधवार को जालूपुरा स्थित सरकारी आवास में पत्रकार वार्ता आयोजित की और उसमें यह जानकारी दी।
विधायक बेनीवाल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने एक दूसरे के काले-कारनामों पर पर्दा डाला है।
भाजपा से बगावत करने वाले बेनीवाल ने नागौर से किसान हुंकार महारैली की शुरुआत की थी। इसके बाद बाड़मेर, बीकानेर और सीकर जिले में महारैली की जिसमें इनके हजारों समर्थक जमा हुए। समर्थकों की संख्या को देखते हुए उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को चुनौती देने का मन बनाया। जिसके बाद अब वे जयपुर में महारैली करने जा रहे हैं।
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बेनीवाल ने आरोप लगाया कि गहलोत और वसुंधरा के गठजोड़ ने राजस्थान को बीमारू राज्य बनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने मिलजुल कर राजस्थान को लूटा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को इन पार्टिंयों के चंगुल से बचाने के लिए जनता को नया राजनीतिक विकल्प देने का समय आ गया है।
बता दें कि साल 2008 में भाजपा के टिकट पर खींवसर से विधायक चुने गए बेनीवाल की वसुंधरा राजे से नहीं बनी और वह अलग हो गए। साल 2013 में वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते। राज्य की राजनीति में बड़ी भागीदारी रखने वाला जाट समुदाय नागौर, सीकर, बीकानेर सहित शेखावटी के कई जिलों की 50 से ज्यादा सीटों में चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
बेनीवाल मौजूदा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले तीन बड़े (पूर्व) भाजपा नेताओं में से एक हैं। दो अन्य नेता घनश्याम तिवाड़ी और किरोड़ी लाल मीणा रहे। भाजपा ने मीणा को तो 'वापसी' के लिए मना लिया, लेकिन तिवाड़ी अपनी भारत वाहिनी पार्टी के बैनर तले भाजपा के खिलाफ मुकाबला करने को अडिग दिखते हैं।
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हनुमान बेनीवाल खींवसर, नागौर से विधायक हैं। उन्होंने बुधवार को जालूपुरा स्थित सरकारी आवास में पत्रकार वार्ता आयोजित की और उसमें यह जानकारी दी।
विधायक बेनीवाल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और भाजपा सरकारों ने एक दूसरे के काले-कारनामों पर पर्दा डाला है।
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भाजपा से बगावत करने वाले बेनीवाल ने नागौर से किसान हुंकार महारैली की शुरुआत की थी। इसके बाद बाड़मेर, बीकानेर और सीकर जिले में महारैली की जिसमें इनके हजारों समर्थक जमा हुए। समर्थकों की संख्या को देखते हुए उन्होंने भाजपा और कांग्रेस को चुनौती देने का मन बनाया। जिसके बाद अब वे जयपुर में महारैली करने जा रहे हैं।
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बेनीवाल ने आरोप लगाया कि गहलोत और वसुंधरा के गठजोड़ ने राजस्थान को बीमारू राज्य बनाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों ने मिलजुल कर राजस्थान को लूटा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान को इन पार्टिंयों के चंगुल से बचाने के लिए जनता को नया राजनीतिक विकल्प देने का समय आ गया है।
बता दें कि साल 2008 में भाजपा के टिकट पर खींवसर से विधायक चुने गए बेनीवाल की वसुंधरा राजे से नहीं बनी और वह अलग हो गए। साल 2013 में वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते। राज्य की राजनीति में बड़ी भागीदारी रखने वाला जाट समुदाय नागौर, सीकर, बीकानेर सहित शेखावटी के कई जिलों की 50 से ज्यादा सीटों में चुनाव परिणामों को प्रभावित कर सकता है।
बेनीवाल मौजूदा मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले तीन बड़े (पूर्व) भाजपा नेताओं में से एक हैं। दो अन्य नेता घनश्याम तिवाड़ी और किरोड़ी लाल मीणा रहे। भाजपा ने मीणा को तो 'वापसी' के लिए मना लिया, लेकिन तिवाड़ी अपनी भारत वाहिनी पार्टी के बैनर तले भाजपा के खिलाफ मुकाबला करने को अडिग दिखते हैं।