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राजस्थान में मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर भी गहलोत को लेनी पड़ेगी इजाजत

Mon, 24 Dec 2018 09:01 PM IST
अमित मंडल शशिधर पाठक ,नई दिल्ली
शशिधर पाठक ,नई दिल्ली Published by: अमित मंडल Updated Mon, 24 Dec 2018 09:01 PM IST
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Ashok Gehlot will also have to take permission on the division of the department in Rajasthan
अशोक गहलोत
राजस्थान में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के शपथ ग्रहण के बाद 13 कैबिनेट और 10 राज्यमंत्रियों ने शपथ ले ली है। लेकिन अभी सबकुछ ठीक नहीं हुआ है। सूत्र बताते हैं कि आगे राज्य में पांच मंत्री और बनाए जा सकते हैं। फिलहाल मंत्रिमंडल के साथियों में विभाग के बंटवारे का भी पेंच फंसा है और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल की अनुमति के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
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18 विधायक पहली बार बने मंत्री

पहली बार 18 विधायकों को राज्य सरकार के मंत्रिमंडल में शामिल होने का अवसर मिला। प्रदेश के 14 जिलों में से अभी किसी को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। वहीं मारवाड़, पूर्वी राजस्थान और जयपुर को खास वरीयता दी गई है। इस क्षेत्र से इसबार कांग्रेस की झोली में अच्छी सीटें आई हैं। इसलिए अशोक गहलोत ने 2019 में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव को देखते हुए इस क्षेत्र को खास प्रतिनिधित्व दिया है।  मंत्रियों में 4-4 जाट,  एससी, 3-3 एसटी,ओबीसी व वैश्य, 2-2 राजपूत, ब्राह्मण, एक गुर्जर और एक मुस्लिम समुदाय से हैं। ममता भूपेश के रूप में एक महिला को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिला है।
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रणनीति 2019 की

राजस्थान में मंत्रिमंडल के  साथियों के चयन में जहां क्षेत्र, जाति, उम्र का खास ख्याल रखा गया है और करीब दर्जन भर से अधिक बड़े, नामी चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है, वहीं बीडी कल्ला, डॉ. रघु शर्मा, शांति धारीवाल, लाल चंद कटारिया जैसे चेहरे अशोक गहलोत मंत्रिमंडल का हिस्सा है। अशोक चांदना, ममता भूपेश, प्रताप सिंह खाचरियावास जैसे कई चेहरे सचिन पायलट के करीबी हैं।
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सीपी जोशी खुद मंत्री नहीं बने हैं, लेकिन उनके दो करीबियों को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। अजमेर के सालेह मोहम्मद को भी जगह दी गई है। कुल मिलाकर अनुभव और युवा चेहरे का भरपूर तालमेल बनाकर मुख्यमंत्री गहलोत और उपमुख्यमंत्री पायलट ने 2019 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर खाका तैयार किया है।


विभागों का बंटवारा

बताते हैं कि विभागों के बंटवारे के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट के साथ मिलकर खाका तैयार किया है। इस पर सहमति ली जा रही है। माना जा रहा है कि यह मामला भी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पास आएगा। उनसे मंजूरी लेने के बाद ही विभागों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जाएगा। सचिन पायलट के पास गृहमंत्रालय जाना तय माना जा रहा है। वहीं अशोक गहलोत वित्त मंत्रालय अपने पास रख सकते हैं।
 
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