फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Asaram charged under serious sections

आसाराम जिंदगी भर रहेंगे सलाखों के पीछे?

Sat, 08 Feb 2014 12:26 PM IST
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर
समीर शर्मा/अमर उजाला, जयपुर Updated Sat, 08 Feb 2014 12:26 PM IST
विज्ञापन
Asaram charged under serious sections

नाबालिग से यौन शोषण मामले में जोधपुर अदालत से आसाराम को बड़ा झटका मिला है।

विज्ञापन


अदालत ने आसाराम पर पुलिस चार्जशीट के सभी गंभीर आरोप कायम रखे हैं, जिनमें ताउम्र या आजीवन कारावास तक की सजा मिल सकती है। अदालत ने मात्र एक धारा जस्टिस जुवेनाइल सेक्शन 26 को हटाया है।

नाबालिग के शोषण के तहत लगने वाली इस धारा में अधिकतम तीन साल तक की सजा थी। इस मामले में आसाराम सहित सभी आरोपियों को औपचारिक रूप से आरोप 13 फरवरी को सुनाए जाएंगे।
विज्ञापन


सेशन न्यायाधीश मनोज कुमार व्यास की अदालत ने आसाराम सहित पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्ज आदेश शुक्रवार को सुना दिए। आदेश में सभी आरोप यथावत रखे। इस दौरान अदालत में आसाराम समेत सभी आरोपी शिवा, शिल्पी, शरदचन्द्र्र और प्रकाश मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन धाराओं में माना आरोपी
376/2(एफ)- संरक्षक (धर्मगुरू) होते हुए विश्वास तोड़कर दुष्कृत्य करने का दोषी। कम से कम दस साल की सजा या उम्रकैद भी मृत्यु तक बढ़ाई जा सकती है।
376 (डी)- एक या अधिक व्यक्तियों द्वारा एक राय होकर यौन शोषण करना। बीस साल तक की सजा, जिसमें मृत्यु होने तक उम्रकैद की सजा भी सुनाई जा सकती है।
370 (4)- अपराध के लिए नाबालिग की तस्करी। कम से कम दस साल की सजा या उम्रकैद भी मृत्यु तक बढ़ाई जा सकती है।
354 अ - यौन शोषण। कम से कम तीन साल की सजा।
342 - गलत इरादा। एक साल की सजा।
506 - धमकाना। दो साल की सजा।
509/34 - एक या एक से अधिक व्यक्तियों द्वारा महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना। तीन साल की सजा।

पोक्सो एक्ट
5(डी)/6 - धार्मिक संस्थान द्वारा यौन दुराचार के लिए प्रेरित करना। कम से कम दस साल की सजा या उम्रकैद भी मृत्यु तक बढ़ाई जा सकती है।
5(जी)/6 - नाबालिग से यौन दुराचार।
7/8 - निजी अंगों को यौन दुराचार की भावना से छूना। तीन साल की सजा, जिसे पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है।
जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (जेजे एक्ट)
23 - नाबालिग को प्रताड़ित करना, जिससे मानसिक व शारीरिक पीड़ा हो। छह महीने तक की सजा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed