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राजस्थान पहुंचा पाकिस्तानी गोली-बारी में शहीद जवान हरी भाकर का पार्थिव शरीर
Mon, 25 Mar 2019 10:01 AM IST
अजय सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: अजय सिंह
Updated Mon, 25 Mar 2019 10:01 AM IST
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शहीद जवान हरी भाकर
- फोटो : ANI
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23 मार्च को जम्मू-कश्मीर के पुंछ में संघर्ष विराम उल्लंघन में जान गंवाने वाले सेना के जवान हरि भाकर का पार्थिव शरीर नागौर के मकराना में उनके गांव लाया गया। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में पुंछ जिले के शाहपुर सेक्टर में पाकिस्तानी गोलाबारी में राजस्थान के हरि भाकर शहीद हो गए थे। हरी भाकर 21 साल के थे।
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Rajasthan: Mortal remains of Army jawan Hari Bhakar, who lost his life in ceasefire violation in Poonch, J&K on 23rd March, brought to his village in Makrana, Nagaur. pic.twitter.com/GnVSNWAZ4E
— ANI (@ANI) March 25, 2019विज्ञापन
पुंछ नगर स्थित सैन्य 425 फील्ड एंबुलेंस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद सैन्य सम्मान के साथ उनको श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद हैलीकाप्टर उनका पार्थिव शरीर मकराना गांव भेजा गया। जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम पांच बजे से पुंछ जिले की नियंत्रण रेखा पर स्थित शाहपुर और कीरनी सेक्टर में पाकिस्तानी सेना ने भारतीय सैन्य चौकियों पर गोलाबारी शुरू कर दी थी। जो रविवार सुबह चार बजे तक जारी रही।
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इस गोलाबारी में देर रात्रि शाहपुर के काईयां स्थित भारतीय अग्रिम चौकी पर चार ग्रेनेडियर का सिपाही हरि भाकर मोर्टार के स्पलिंटर लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे देर रात डेढ़ बजे पुंछ नगर स्थित सैन्य 425 फील्ड एंबुलेंस अस्पताल लाया गया। वहां पर रविवार तड़के इलाज के दौरान वह शहीद हो गए। सैन्य अस्प्ताल में पोस्टमार्टम के बाद पुंछ ब्रिगेड के कमांडर, ग्र्रेनेडियर रेजिमेंट के कमांडिंग अधिकारी एवं अन्य ने श्रद्धांजलि अर्पित कर सेना के हैलीकाप्टर से राजस्थान भेज दिया।
शहीद हुए हरी भाकर का एक जुड़वां भाई भी है जो भारतीय सेना में ही तैनात है। दोनों का जन्म एक साथ हुआ था। कुछ सेकंडों के फासले में जन्में भाइयों में हरी बड़ा और हरेन्द्र छोटा भाई है। शहीद हरी भाकर के पिता पदमा राम भाकर, नजदीकी जूसरिया ग्राम पंचायत में पंचायत सहायक के पद पर कार्यरत हैं।