सरिस्का से खुशखबरी: बाघिन एसटी-19 पहली बार बनी मां, चार शावकों को दिया जन्म; बाघों की संख्या बढ़कर हुई 48
अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है।
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अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। यहां बाघिन एसटी-19 पहली बार मां बनी है और उसने एक साथ चार शावकों को जन्म दिया है। यह शावक अलवर जिले के सरिस्का बफर रेंज के बरेली-बाड़ी क्षेत्र में कैमरा ट्रैप में कैद हुए हैं। इसके साथ ही सरिस्का में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 48 हो गई है।
वन विभाग ने कैमरा ट्रैप से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर शावकों की मौजूदगी की पुष्टि कर दी है। बाघिन एसटी-19 के चार-चार शावकों के जन्म ने वन विभाग और वन्यजीव प्रेमियों को उत्साह से भर दिया है। सरिस्का में पहले भी बाघिन एसटी-12 और एसटी-22 शावकों को जन्म दे चुकी हैं, लेकिन एसटी-19 के लिए यह पहला प्रसव है — और खास बात यह है कि उसने एक साथ चार शावकों को जन्म दिया है, जो एक दुर्लभ और हर्षजनक घटना है।
बफर जोन में जन्मे शावक
इन शावकों का जन्म बफर जोन में हुआ है, जहां पहले से ही कुछ बाघों की मौजूदगी है और उनकी नियमित साइटिंग भी हो रही है। बफर जोन में बाघों की बढ़ती संख्या संकेत देती है कि आने वाले समय में यह क्षेत्र कोर एरिया के बराबर सक्रिय हो सकता है।
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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभी तो ये शावक अपनी मां के साथ हैं, लेकिन जैसे-जैसे ये बड़े होंगे, आगामी दो-तीन वर्षों में ये अपनी खुद की टेरिटरी बना सकते हैं, जिससे सरिस्का का बाघ संरचना और अधिक सशक्त होगी।
2005 के बाद सरिस्का फिर हुआ गुलजार
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में सरिस्का से बाघ पूरी तरह से विलुप्त हो गए थे, जिसके बाद पुनर्वास कार्यक्रम शुरू किया गया। तब से लेकर अब तक की यात्रा में यह एक अहम उपलब्धि है कि सरिस्का एक बार फिर से पूरी तरह आबाद हो रहा है। वन विभाग और सरिस्का के वन्यजीव प्रेमियों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। चार शावकों की तस्वीर सामने आने के बाद रिजर्व में खुशी की लहर दौड़ गई है।