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Alwar News: शादी के नाम पर ठगे ढाई लाख, छह दिन बाद 50 हजार लेकर दुल्हन फरार, कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज
Thu, 24 Jul 2025 08:44 PM IST
अलवर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर
Published by: अलवर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Jul 2025 08:44 PM IST
सार
पहले फर्जी पहचान के साथ रिश्ता तय किया, फिर शादी के नाम पर ढाई लाख लेकर की कोर्ट मैरिज। शादी के पांच-छह दिन बाद परिचित के साथ फरार हुई दुल्हन। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज किया।
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- फोटो : credit
विस्तार
जिले के तिजारा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक व्यक्ति से ढाई लाख रुपये की ठगी और फर्जी पहचान से विवाह करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की ओर से कोर्ट के आदेश पर पुलिस थाना तिजारा में मामला दर्ज किया गया है। गांव राइखेड़ा निवासी विजय पुत्र राम कंवर ने आरोप लगाया है कि शादी के नाम पर उसके साथ धोखाधड़ी और अपहरण जैसी गंभीर वारदात को अंजाम दिया गया। विजय ने प्रताप, बीरबल, पूजा उर्फ गीता और धोलिया उर्फ गबदू के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया है।
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पीड़ित ने बताया कि उसकी पहली पत्नी उसे लगभग 14 साल पहले छोड़ चुकी थी। इसके बाद वह दूसरा विवाह करना चाहता था। तभी उसके भांजे रामजीलाल ने झुंझुनू के सुल्तान बास निवासी प्रताप दादा से संपर्क कराया, जो रिश्ता करवाने का काम करता था। जनवरी 2025 में प्रताप दादा, विजय के गांव आया और बीकानेर के राजासर निवासी बीरबल की बेटी पूजा से विवाह का प्रस्ताव रखा। प्रताप ने यह भी कहा कि बीरबल गरीब है और उसे शादी के लिए ढाई लाख रुपये की जरूरत है। उसने पूजा की तस्वीर दिखाकर परिवार को भरोसे में लिया गया और रिश्ता पक्का करवा दिया।
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15 फरवरी को विजय बारात लेकर बीरबल के घर पहुंचा, जहां उसे 2.49 लाख रुपये नकद और देने पड़े लेकिन प्रताप ने फेरों से शादी कराने से मना कर दिया और कोर्ट मैरिज कराने का दबाव बनाया। कोर्ट में शपथ पत्र बनवाते समय लड़की की असली पहचान उजागर हुई कि उसका नाम पूजा नहीं बल्कि गीता था। जब विजय ने इस पर आपत्ति जताई तो प्रताप और बीरबल ने उसे धमकाया और गीता को बहन बताकर वहां से फरार हो गए। इसके बाद विजय गीता को अपने गांव राइखेड़ा ले आया, लेकिन पांच-छह दिन बाद ही गीता अपने परिचित धोलिया उर्फ गबदू के साथ 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गई। जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित साजिश थी जिसमें प्रताप, बीरबल और धोलिया ने मिलकर ठगी की योजना बनाई थी।
विजय ने पहले तिजारा थाना पुलिस को रिपोर्ट दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद उसने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गुहार लगाई। अब कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।